चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारीज़ प्रतापनगर सेवा केंद्र पर पर नवरात्रि में चल रही नौ दिवसीय अखंड राजयोग तपस्या का समापन चौतन्य नौ देवियों की पूजन व अर्चन के साथ संपन्न हुआ । इस अवसर पर चौतन्य नौ देवियों की झांकी मुख्य आकर्षण का केंद्र रही । सेवा केंद्र पर भाई बहनों ने गरबा नृत्य भी किया । बीके आशा दीदी ने बताया कि साधारण से साधारण नारी शिव पिता से योग लगाकर शिव शक्ति बन जाती है । शिव और शक्ति दोनों एक दूसरे के पूरक हैं । बिना शिव के शक्ति नहीं और बिना शक्ति के शिव नहीं स संसार के परिवर्तन के लिए परमात्मा शिव ने अपनी शक्तियों को प्रकट कराकर संपूर्ण विश्व से असुरों का अंत करवाया । जिस के यादगार के रूप में हम नवरात्रि पर्व मनाते हैं। वर्तमान में मनुष्य अपने स्वभाव संस्कारों से असुर बनते जा रहे हैं। मानवता प्रेम एकता भाईचारा संसार से लगभग समाप्त सा हो गया है । दानवता नफरत ने संसार में अपना साम्राज्य स्थापित कर दिया है । इस संसार को पुनः राम राज्य बनाने के लिए परमात्मा शिव धरा पर आकर राजयोग की शक्तियों से अपना दिव्य कर्तव्य वर्तमान में कर रहे हैं। जिससे संसार में दानवता खत्म हो मानवता बनी रहे यही नवरात्रि का आध्यात्मिक रहस्य है। मधुदीदी, अनीता दीदी सबको राजयोग का अभ्यास कराया ।