देवास। जिओ और जीने दो का संदेश देने वाले जैन धर्म के अंतिम तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी ने दुनिया को अहिंसा, सत्य, अपरिग्रह, अचौर्य और ब्रह्मचर्य के बारे में बताया है। जिसे जैन धर्म के पंचशील सिद्धांत के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने अपने जीवन काल में अपने प्रवचनों और उपदेशों के जरिए दुनिया को सही राह दिखाने और मार्गदर्शन करने का प्रयास किया।
जैन समुदाय के लोग भगवान महावीर के जन्म का उत्सव बहुत ही जोश और उत्साह के साथ मनाते हैं। भगवान महावीर के जन्म कल्याणक के उपलक्ष्य में शहर में सोमवार और मंगलवार को विभिन्न आयोजन धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। उसी के तहत महावीर जयंती उत्सव समिति के तत्वाधान में चंदाप्रभु स्वामी मणिभद्रवीर नवयुवक द्वारा भव्य वाहन रैली का आयोजन किया गया। वाहन रैली का शुभारंभ नगर निगम सभापति रवि जैन ने धर्म ध्वजा दिखाकर किया। जिसके पूर्व आयोजन में पधारे सभी जैन मंदिरों के पदाधिकारियों व सभापति का माला एवं दुपट्टा पहना कर सम्मान किया गया। वाहन रैली सयाजी द्वार से प्रारंभ हुई। जो शहर के प्रमुख मार्गो से होते हुए चंदाप्रभु मंदिर एम जी रोड, आदेश्वर मंदिर बड़ा बाजार, शंखेश्वर मंदिर नयापुरा, पार्श्वनाथ दिगंबर मंदिर कवि कालिदास मार्ग, मुनिसुव्रत स्वामी मंदिर सिविल लाइन होते सुतार बाखल स्थित चंदा प्रभू स्वामी मणिभद्र वीर जैन मंदिर पर समाप्त हुई। वाहन रैली में बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, बालक व बालिकाएं हाथो में धर्म ध्वजा लेकर दोपहिया व चार पहिया वाहन के साथ शामिल हुए।