नीमच। शहर के उप नगर बघाना निवासी 62 साल के कमलेश शेखावत गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। उनकी इस बीमारी ने पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति को तोड़ सा दिया था। परिवार की माली स्थिति ठीक नहीं होने पर वे अपना इलाज नहीं करा पाए और बढ़ते दिनों के साथ बीमारी भी बढ़ती रही। उनकी इस हालत का जैसे ही वॉइस ऑफ़ एमपी के एडिटर नवीन पाटीदार व टीम को पता लगा तो उन्होंने हमेशा की तरह सामाजिक सरोकार की पत्रकारिता करते हुए जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे परिवार की आवाज बनने की कोशिश की। वॉईस ऑफ एमपी की टीम ने जैसे ही अपने चैनल के माध्यम से इस मुद्दे को उठाया तो पीड़ित परिवार को भी इलाज की आस जगी। देखते ही देखते दानदाताओं ने कमलेश के परिवार की मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया और आज उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने बताया 95 प्रतिशत से ज्यादा ब्लौकेज-
कमलेश शेखावत हार्ट की बीमारी से ग्रसित है और उन्हें डॉक्टरों ने 95 प्रतिशत से ज्यादा ब्लौकेज बताए हैं। डॉक्टर ने ऑपरेशन की सलाह दी। इसके बाद से ही परिवार ऑपरेशन के रूपये जुटाने के लिए दर-दर भटक रहा था। शेखावत के परिवार में उनकी पत्नी रंजना शेखावत व एक बेटी है जो उनके साथ ही रहती है। पत्नी भी दोनों पांव से विकलांग है। जबकि बेटी चूड़ी की दुकान पर काम करती है। एक अन्य बेटी की शादी हो चुकी है।
आज चौरड़िया अस्पताल में हुआ सफल ऑपरेशन-
दानदाताओं से मिली आर्थिक मदद के बाद पीड़ित परिवार ने कमलेश को ऑपरेशन के लिए चौरड़िया अस्पताल में भर्ती कराया। जहां विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. एसवी चौरड़िया ने आज उनका ऑपरेशन किया। चिकित्सकों के अनुसार कमलेश का ऑपरेशन सफल रहा है। अब उन्हें कुछ दिन एडमिट रखने के बाद तबियत में सुधार होते ही डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।
सत्ता में काबिज सरकार के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों ने नहीं ली सुध-
बघाना निवासी कमलेश शेखावत की आर्थिक स्थिति व गंभीर बीमारी को लेकर वॉईस ऑफ एमपी ने लगातार 60 घंटे अपने चैनल के माध्यम से खबरों का प्रकाशन किया। वॉईस ऑफ एमपी की खबर का असर भी हुआ और शहर के कई समाजसेवियों ने पीड़ित परिवार की मदद के लिए हाथ बढ़ाया। लेकिन सत्ता में काबिज सरकार के जनप्रतिनिधि व अधिकारी आज तक पीड़ित परिवार की मदद के लिए नहीं पहुंचे हैं। इतना ही नहीं कमलेश की इस गंभीर बीमारी ने सरकार के हेल्थ से जुड़ी तमाम योजनाओं की पोल भी खोल दी है। अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की अनदेखी से उन्हें ना तो पीएम मोदी के आयुष्मान कार्ड का लाभ मिला और ना ही स्वास्थ्य से जुड़ी किसी अन्य योजना का।
इन दानदाताओं ने बढ़ाया मदद का हाथ-
पीड़ित कमलेश शेखावत के इलाज के लिये सबसे पहले महाकाल सरकार सेवा मंडल के सदस्य रोहित शर्मा बाबा अपने सदस्यों के साथ कमलेश के घर पहुंचे और आर्थिक सहायता के रूप में फल-फ्रूट व 11 हजार रूपये की राशि कमलेश की पत्नी को सौंपी। वहीं समाज सेवी व कांग्रेस नेता तरूण बाहेती भी वॉईस ऑफ एमपी की मुहिम से जागरूक हुए और परिवार की मदद के लिए पहुंचे। बाहेती ने तत्काल 11 हजार रूपये की राशि पीड़ित परिवार को सौंपी। इसके बाद रोटरी अध्यक्ष सतीश तोतला ने पीड़ित परिवार को 21 हजार रूपये की सहायता राशि दी। वहीं समाज सेवी व बीजेपी नेता संतोष चौपड़ा ने भी मदद के तौर पर 11 हजार रूपये की राशि पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सौंपी। इनके अलावा अन्य पूर्व नपाध्यक्ष राकेश पप्पू जैन सहित अन्रू समाजसेवियों ने भी मदद का हाथ बढ़ाया और परिवार को आर्थिक संबल दिया।