जावद। गायत्री प्रज्ञा पीठ जावद पर सप्ताहिक गायत्री महायज्ञ के साथ ही जन्म उत्सव संस्कार मनाया गया व्यासपीठ से जगदीश महावर ने जन्म उत्सव संस्कार के संदर्भ में बताया कि सभी ग्रंथों में इसकी व्याख्या है की देव दुर्लभ मानव शरीर मिला है हमें इस बात का सदैव चिंतन करते हुए मानव जीवन को उच्चस्तर पर पहुंचाने का प्रयास करना चाहिए । पंचतत्व के पूजन के अंतर्गत बताया कि मिट्टी, जल, अग्नि, वायु और आकाश यह पांचतत्व हमारे लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है । इन्हीं के संतुलन से हमारा जीवन टिका हुआ है । अतः हमारे शरीर में एवं इस संसार में पांचों तत्व बराबर रहे इसके लिए हमें विशेष प्रयास करना चाहिए । गायत्री महायज्ञ के अवसर पर जगन्नाथ कमेडीया एवं कुमारी नंदिनी का जन्मोत्सव संस्कार मनाया गया ।
यज्ञ के अंतर्गत भेरुलाल करवाडिया, जगदीश धाकड़, भेरूलाल छुवारिया, शंकर भाई कुमावत, गुणवंत राठौड़, शिवनारायण चाचेरिया, मदनलाल बगड़, गोपाल पिपलिया, प्रेमजी, महिला मंडल से निर्मला चौहान, लीला देवी अग्रवाल, नीलिमा चौहान, रेखा देवी ओझा, लीला देवी ओझा, नेहा शर्मा, देवकली बाई शर्मा के साथी बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे । पूर्णाहुति के बाद जन्मोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए पुष्पवर्षा कर स्वागत अभिनंदन किया गया ।