सिंगोली। पटियाल को पंचायत का दर्जा प्राप्त हुए कई सालों से ऊपर का समय हो गया है, लेकिन आज भी लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। पंचायत के लोगों की बदकिस्मती है कि मूलभूत सुविधाओं के लिए भी उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। जराड़ में मंगलवार सुबह अंतिम यात्रा में ऐसा ही कुछ देखने को मिला जिसमें अंतिम यात्रा में सम्मिलित जीवित लोगो सहित बैकुण्ठी पर सोये मृत शव को शमशान पहुँच मार्ग के उबड़ खाबड़ रास्ते में हिचकोले खाकर परेशानी का सामना करना पड़ा। पटियाल पंचायत का ग्राम जराड़ जो पंचायत के अधीन आता है। यहां पर गांव में वर्षो से दाह संस्कार के लिए गाँव वालों द्वारा बनाये गये शमशान घाट के हाल बेहाल है।
जराड़ में अगर किसी की मृत्यु हो जाती है तो वह यहां पर ही मृत देह जलाने आते हैं। शमशान घाट के आसपास न दीवारें हैं और न ही यहां तक पहुंचने का रास्ता पक्का है। यहां पर पानी की व्यवस्था तक नहीं है। पूरे मार्ग में कटिंली झाड़ीया लगी हुई है, बारिश के दिनों में यहां पर पहुंचने के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। बारिश में शव का दाह संस्कार करने के लिए यहाँ टीनशेड तक नही है।
ग्राम वासियों ने कई बार इस विषय को लेकर जिम्मेदारों को इस समस्या के बारे में बताया गया, लेकिन कभी भी इसका समाधान नहीं हुआ। लोगो की जायज नाराजगी को देखते हुए सरपंच प्रतिनिधि जीतमल धाकड़ एवं पूर्व उपसरपंच विक्रम सिंह चुण्डावत द्वारा ट्रेक्टर ट्रेलर से रास्ता सही करवा वैकल्पिक समस्या निदान किया गया।
इस संबंध में मौके पर मौजूद नव निर्वाचित सरपंच प्रतिनिधि जीतमल धाकड़ एवं पूर्व उप सरपंच विक्रम सिंह चुण्डावत ने बताया कि शमशान पर टीन शेड और रास्ता बनाना है लेकिन अभी आगे से इस कार्य के लिए कोई राशी स्वीकृत नही हुई है न ही आदेश। शासन अगर इस कार्य हेतु जल्द ही राशी स्वीकृत एवं आदेश करता है तो श्मशान का कार्य प्रमुखता से लेकर रास्ते और टीनशेड का काम करवाएंगे जिससे आमजन को सर्दी, गर्मी, बरसात हर मौसम में शमशान घाट पहुंचने में सुविधा होकर समस्या से राहत प्रदान हो।