सेगांव। देवी श्री लालबाई फूलबाई माताजी मंदिर परिसर में श्रीमद भागवत कथा सप्ताह के तीसरे दिन बुधवार को भागवत कथा वाचक पंडित सोमेश कृष्णा शास्त्री महाराज ने कहा कि कथा सुनने से नही उसे जीवन मे उतार कर उस पर चलने की आवश्यकता है। भगवान ज्ञान से नहीं भाव से प्रसन्न होते है। भागवत की व्याख्या करते हुए बताया कि भा से भक्ति, ग से ज्ञान उत्पन्न होता है व से वैराग्य उत्पन्न होता है, त से तत्व उत्पन्न होता हैं।
निमाड़ के प्रसिद्ध सन्त श्री सियाराम बाबा का उदाहरण देते हुए बताया कि ऐसे सन्त बहुत कम है। भक्त जो 10 रुपये दान में देते है उन्ही राशि से सियाराम बाबा करोड़ो रुपये दान में दे कर धर्म के कामो में निःस्वार्थ सेवाएं दे रहे है, उन्हें किसी भी तरह का मोह नही है। शरीर पर एक लँगोट में रह कर भगवान की भक्ती में लगे हुए है। वही ईश्वर ने जिसे दिया है वह धर्म के कामो में खर्च नही करते फिर भी धन की लालसा लगी रहती है। भगवान हर जीव पर कृपा करते है। भगवान ज्ञान से भाव से प्रसन्न होते है। हम मनु की संतान है, इसलिए हम मनुष्य है लेकिन हमें यहा जातियों में बांट दिया है। आज वोटरों की राजनीति से हम जातियों में बंट गये। जिससे राजनीति फायदा उठा रहे है। बेटियों का सम्मान करना चाहिए।
शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया-
भागवत कथा के दौरान धार्मिक संगीतमय भजन गाए गए, जिन पर श्रद्धालु भावविभोर होकर थिरके। कथा के अंत मे मन मोहक बाबा शिव व माता पार्वती की मन मोहक झांकी दी गई। शिव पार्वती विवाह प्रसंग में भजन मंडली ने संगीत में सज रहे भोले बाबा निराले दूल्हे में... भजन की प्रस्तुति पर सभी श्रोता जमकर झूमे।
साथ ही भगवान भोले बाबा व माता पार्वती जी की मनमोहक झांकी प्रस्तुत की गई।
कथा श्रवण के लिए इंदौर, उज्जैन, देवास, खरगोन, सनावद, कसरावद, बड़वानी, बड़वाह व नगर सहित आस-पास के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्तित रहे।