नीमच। प्रदेश के मुखिया शिवराज ने महिलाओं को स्वावलंबि बनाने के लिए लाडली बहना योजना की शुरूआत की है। वर्तमान में इस योजना के तहत प्रदेशभर में जोरों-शोरों से फॉर्म भरने की प्रक्रिया पूरी करवाई जा रही है। समूचा प्रशासनिक अमला इस कार्य में जुटा हुआ है। सरकार की कोशिश है कि सभी पात्र महिलाओं को इस योजना का लाभ मिले। लेकिन फिर भी इस योजना का एक नियम ऐसा है जिसकी वजह से विशेष तबके की महिलाएं इस योजना का लाभ नहीं ले पा रही है। ये महिलाएं बांछड़ा समुदाय से आती हैं, जिन्हें इस योजना का फायदा नहीं मिल पाएगा। आखिर जब शासन ने इस योजना के लिए नियम बनाए तो इस ओर सबका ध्यान क्यों नहीं गया।
आपकों बता दें कि बांछड़ा समाज में वर्षो से चली आ रही परम्परा या सामाजिक बुराई कहे जिसके कारण कई महिलाए शादी नहीं करती है। जिसके कारण ये अविवाहित महिलाए इस योजना का लाभ नहीं ले पा रही है। क्योंकि पोर्टल में पति के नाम पर प्रविष्टि खाली रह जाती है और पोर्टल अपडेट नहीं होता है। इस वर्ग के लिए कई सामाजिक संगठनो और शासन ने कई बार प्रयास किए लेकिन आज भी ये वर्ग सामाजिक रूप से पिछड़ा ही रहा है। अगर लाड़ली बहना योजना का लाभ बांछड़ा वर्ग की महिलाओ को मिलता है तो ये महिलाए आर्थिक रूप से सुदृढ़ भी होगी और सामाज में उनकी निर्णायक भूमिका भी रहेगी।
जब इस सन्दर्भ में बांछड़ा समाज के सामाजिक नेता मंगल चौहान परवलिया (रतलाम) से बात की तो उन्होंने बताया कि हमारा समाज शुरू से ही आर्थिक रूप से कमजोर रहा है। अशिक्षा के कारण पहले ही हमारा समाज शासन की योजनाओं से वंचित रह जाता है। मुझे जब इस दिक्कत के बारे में पता चला तो मेने मंदसौर विधायक यशपाल सिंह सिसौदिया से बात की। उन्होंने आगे बात की लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है। नीमच, मंदसौर और रतलाम जिलों को मिलाकर हमारी जनसँख्या लगभग 50 हजार से अधिक है। वहीं समाज की आधे से अधिक महिलाए इस योजना का लाभ उठाने से वंचित हो रही है। हम लोग सामाजिक रूप से तीनों जिलों के कलेक्टर से मिलेंगे और उन्हें ज्ञापन देकर शीग्र समस्या का हल करवाने के लिए निवेदन करेंगे।
हिंगोरिया निवासी नीलेश चौहान ने बताया कि नीमच जिले की हमारे समाज की कई महिलाओं का पोर्टल पर नाम अपडेट नहीं हो रहा है.शासन को जल्द इस समस्या का निराकरण करवाना चाहिए। जिससे हमारे समाज की महिलाओं को भी इस योजना का लाभ मिल सके।
नीमच जिला कलेक्टर दिनेश जैन ने इस मामले में कहा कि मैंने महिला बाल विकास विभाग से चर्चा की थी, उन्होंने बताया कि पोर्टल पर बांछड़ा समुदाय की महिलाओ को लेकर दिक्कत आ रही है, क्योकि इन महिलाओ के नाम के आगे अविवाहित लिखा हुआ है और इनके पति का नाम नहीं है। जिला कलेक्टर ने आगे बताया कि महिला बाल विकास विभाग के अनुसार जिले में दो से ढाई हज़ार ऐसी महिलाये है जिनके लिए लाड़ली बहना योजना में रजिस्ट्रेशन के लिए भोपाल से मार्गदर्शन माँगा जा रहा है।