उज्जैन। गत दिवस हुई तेज बारिश के कारण जिले के बड़नगर, खाचरौद एवं तराना तहसील की कुछ संस्थाओं में रखा उपार्जित गेहूं भीगने की जानकारी प्राप्त होने पर हुए नुकसान का आंकलन करने के लिये कलेक्टर ने सम्बन्धित तहसीलदार, सहायक खाद्य अधिकारी, नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारी एवं सहकारिता निरीक्षक को संयुक्त रूप से नुकसान का आंकलन करने के निर्देश दिये हैं।
कलेक्टर ने कहा है कि यदि समिति स्तर पर उपार्जित गेहूं बारिश के कारण से खराब होता है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी संस्था प्रबंधक की होगी। कलेक्टर ने इस सम्बन्ध में सम्बन्धित जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ सूचना-पत्र जारी करने के लिये कहा है। कलेक्टर ने आज समय-सीमा के पत्रों की समीक्षा बैठक के दौरान उक्त निर्देश जारी किये। बैठक में सीएम हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान एवं अन्य योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। बैठक में नगर निगम आयुक्त रोशन सिंह, अपर कलेक्टर मृणाल मीना, जिला पंचायत सीईओ अंकिता धाकरे, एडीएम अनुकूल जैन एवं जिले के एसडीएम व जिला अधिकारी मौजूद थे।
बैठक में जानकारी दी गई कि लाड़ली बहना योजना के तहत 30 अप्रैल तक जिले में कुल तीन लाख 29 हजार 823 आवेदन प्राप्त हुए हैं। कलेक्टर ने सभी आवेदकों के खातों में डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर की सुविधा एक्टिवेट कराने के लिये सभी एसडीएम को 9 मई तक का समय दिया है तथा कहा है कि 9 मई तक शत-प्रतिशत खाते डीबीटी इनेबल्ड हो जाना चाहिये। कलेक्टर ने ऐसे सभी अधिकारियों को, जिनको क्षेत्र भ्रमण करना अनिवार्य होता है, आगामी एक माह की टूर डायरी बनाकर प्रस्तुत करने के लिये कहा है।