चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चित्तौड़गढ़ के अध्यक्ष ओमी पुरोहित (जिला एवं सेशन न्यायाधीश) तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश भानू कुमार के निर्देशानुसार नशीली दवाओं के दुरूपयोग व अवैध तस्करी के खिलाफ अन्तर्राष्ट्रीय दिवस पर केन्द्रीय कारागृह चित्तौड़गढ में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
अधिवक्ता संदीप सेठिया द्वारा उपस्थित बंदीजनों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य समाज में बढ़ती हुई मद्यपान, तम्बाकू, गुटखा, सिगरेट की लत एवं नशीले मादक द्रव्यों, पदार्थों आदि से मुक्त कराते हुए इसके दुष्परिणामों से समाज को अवगत कराना हैं।
अधिवक्ता भारती गहलोत ने बताया कि नशा इन दिनों युवाओं को अपनी गिरफ्त में तेजी से ले रहा है। चरस, अफीम, स्मैक व नशे की गोलियां युवाओं का जीवन खतरे में डाल रही हैं। जवान हो रही पीढ़ी में नशे की लत तेजी से फैल रही है। नशे के चलते न सिर्फ शारीरिक बल्कि इनकी मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है। अधिवक्तागण विकास बागोरिया व शान्ता चौधरी ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा उपस्थित बंदियों को नशा नही करने का संकल्प दिलाया। अन्त में जेलर योगेश कुमार तेजी ने उपस्थित बंदियों को नशा नही करने की प्रेरणा देते हुए अधिवक्तागण का धन्यवाद ज्ञापित किया।