सुवासरा। सीतामऊ-सुवासरा विधानसभा क्षेत्र के गांव तरनोद के रहने वाले बालू सिंह सोलंकी भाजपा की सरकार में होते हुवे विपक्ष कांग्रेस का दामन थाम लिया था। लगभग 20 माह हो गए है तब से पूरे विधानसभा क्षेत्र में पुर जोर से आमजन के बीच में अपनी साख जमा ली। प्रत्येक व्यक्ति से मिलना उनका मकसद है और मिलते रहते है। विधान सभा की हर एक चर्चा कांग्रेस अध्यक्ष कमल नाथ के सामने रखते है। नाथ उनकी हर बात बखूबी सुनते है।
अब तक की मेहनत देखी जाए तो सुवासरा विधानसभा क्षेत्र में सोलंकी ने की है चाहे किसी भी गांव में छोटे से छोटा कार्यक्रम क्यो न हो उनकी उपस्थिति दर्ज होती ही होती है। बालू सिंह सोलंकी ने 20 माह में आमजन से जनसंपर्क कर अपना व्यवहार एवं पकड़ बना ली है। अब तो पीसीसी अध्यक्ष को देखना है कि सुवासरा विधानसभा 226 में जीत के लिए किसको हरी झंडी देना है, ये तो उनके ऊपर ही है। कांग्रेस को 230 सीटो में से यही सीट इसी सीट है जिसको जितना मुमकिन ही नही ना मुमकिन है। ऐसे में जीत का चेहरा एवं हर गांव में आमजन से जनसंपर्क करना सोलंकी का पहला मकसद रहा हैं। देखा जाए तो सत्ता में होने बाद अगर सत्ता से मुंह मोड़ कर कांग्रेस का दामन पकड़ना बहुत बड़ी बात होती है जो बालू सिंह ने कर के दिखाया है और तब से कांग्रेस का दामन थाम के ही पूरे विधान सभा में रात और दिन कर आमजन से मिलना गांव-गांव में जाना कांग्रेस के प्रति आमजन को जागरूक करना उनकी प्राथमिकता रही है। बालू सिंह सोलंकी ही जीत का चेहरा हो सकते है अगर कांग्रेस संगठन बालू सिंह सोलंकी को मौका देती है तो 226 की सीट कांग्रेस की झोली में जा सकती है। ऐसा भी लगता है कि कमल नाथ के बहुत ही करीबी माने जा रहे है। कमल नाथ की नजर भी बालू सिंह सोलंकी पर टिकी हुई है।