चित्तौड़गढ़। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के "छात्रों की गूंज अभियान" के तहत तथा जंतर-मंतर पर छात्रों के साथ हुई कथित बर्बरता के विरोध में शनिवार सायंकाल निम्बाहेड़ा नगर में कांग्रेस परिवार द्वारा ऐतिहासिक मशाल जुलूस निकाला गया। राजस्थान के पूर्व कैबिनेट मंत्री उदयलाल आंजना के आह्वान पर आयोजित इस कार्यक्रम में एनएसयूआई, युवा कांग्रेस एवं कांग्रेस के विभिन्न प्रकोष्ठों के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मशाल जुलूस का नेतृत्व छोटीसादड़ी पंचायत समिति के पूर्व प्रधान विक्रम आंजना ने किया।
मशाल जुलूस का शुभारंभ पेच एरिया स्थित कांग्रेस कार्यालय से हुआ। यहां बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, छात्र-युवा एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी एकत्रित हुए। सभी कार्यकर्ता हाथों में तिरंगा एवं प्रज्ज्वलित मशाल लेकर कतारबद्ध होकर नगर के प्रमुख मार्गों- डाक बंगला रोड, नवाबगंज, रामद्वारा, मोती बाजार, चित्तौड़ी दरवाजा, कैंची चौराहा, परशुराम सर्किल, मंडी चौराहा, गर्ल्स स्कूल, बापू बस्ती एवं विवेकानंद सर्किल होते हुए कल्याण चौक पहुंचे। पूरे मार्ग में देशभक्ति गीतों के साथ छात्र हित, शिक्षा में सुधार, प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा लोकतांत्रिक अधिकारों के समर्थन में जोशीले नारे गूंजते रहे। मशालों की रोशनी और तिरंगे की शान ने नगर के वातावरण को राष्ट्रभक्ति एवं जनजागरण की भावना से सराबोर कर दिया।
कल्याण चौक पर आयोजित सभा में पूर्व सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना का संदेश पढ़कर सुनाया गया। संदेश में कहा गया कि देश का युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है और उसकी आवाज को दबाया नहीं जा सकता। विद्यार्थियों को सुरक्षित, निष्पक्ष एवं पारदर्शी शिक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराना सरकारों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग 36 दिनों तक चले आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार करना पड़ा, जो लोकतंत्र एवं युवा शक्ति की जीत है। उन्होंने यह भी कहा कि देशभर के युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद की है, जिसमें निम्बाहेड़ा एवं छोटीसादड़ी के युवाओं की सक्रिय भागीदारी उल्लेखनीय रही।
सभा को संबोधित करते हुए अन्य वक्ताओं ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार तथा विद्यार्थियों के भविष्य की सुरक्षा के लिए ठोस एवं प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
कार्यक्रम के दौरान नीट (NEET) पेपर लीक प्रकरण से प्रभावित एवं जान गंवाने वाले विद्यार्थियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित कांग्रेसजनों ने मोमबत्तियां जलाकर दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए तथा दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। साथ ही, शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्हें न्याय एवं उचित मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई।
मशाल जुलूस का समापन राष्ट्रगान के सामूहिक गायन के साथ हुआ। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार, विद्यार्थियों के अधिकारों की रक्षा, युवाओं के भविष्य की सुरक्षा एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया।
कार्यक्रम की तैयारियों में युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई परिवार का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर नगर कांग्रेस कमेटी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, किसान कांग्रेस, सेवादल, महिला कांग्रेस, अल्पसंख्यक कांग्रेस, ओबीसी प्रकोष्ठ, आदिवासी कांग्रेस, एससी प्रकोष्ठ, स्थानीय निकाय विभाग, राजीव गांधी पंचायती राज विभाग, कच्ची बस्ती प्रकोष्ठ के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में कांग्रेसजन, सामाजिक कार्यकर्ता, गणमान्य नागरिक एवं मीडियाकर्मी उपस्थित रहे।