भोपाल | पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह जी ने सागर जिले के रैपुरा गांव में हुई घटना को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखा है। उन्होने कहा है कि बीजेपी सरकार में लगातार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति सहित वंचित वर्ग के साथ उनकी पार्टी के नेताओं द्वारा राजनीतिक रसूख के बल पर किये शोषण किया जा रहा है। उन्होने इसे रोकने और गरीब वंचित वर्ग को पट्टे पर प्रस्तावित जमीन दिये जाने के लिये उस जमीन को आबादी भूमि घोषित कर आवास बनाये जाने के निर्देश देने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह का पत्र
दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में लिखा है कि ‘सागर जिले की सुरखी विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत जसराज अंतर्गत ग्राम रैपुरा में 21 जून को जिला प्रशासन द्वारा स्थानीय भाजपा नेताओं के दबाव में जिला प्रशासन द्वारा कई वर्षो से निवास कर रहे गरीब वंचित और दलित वर्ग के ग्रामीणों के मकान बिना सूचना के तोड़े जाने की घटना से आपको अवगत कराना चाहता हूँ। आपकी सरकार में राजस्व मंत्री और स्थानीय विधायक श्री गोविंद सिंह राजपूत के दबाव में जिला प्रशासन द्वारा अवैधानिक कार्यवाही की गई है। जिन ग्रामीणों के मकान तोड़े गये है उन्हें यह मकान प्रधानमंत्री आवास योजनांतर्गत स्वीकृत किये गये थे। इस हिसाब से देखा जाए तो यह मकान अवैध/अतिक्रमण कैसे हो सकते है। यह सिर्फ राजनैतिक द्वेषभावनापूर्वक तोड़े गये है। इस घटना की जानकारी प्राप्त होते ही मेरे द्वारा रैपुरा ग्राम जाकर ग्रामीणों से चर्चा की गई तो उन्होने बताया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में कोई सूचना नहीं दी गई थी। अचानक मकान तोड़ने की कार्यवाही की गई, यहां तक कि मकान खाली करने तक का समय भी नहीं दिया गया। गृहस्थी सहित मकान ढहा दिये गये है। ग्रामीणों के पास अब सिर छुपाने की कोई भी जगह नहीं है।’