नीमच। मणिपुर में पिछले 79 दिनों से चल रही हिंसा और आदिवासी महिलाओं के साथ हो रही बर्बरता के विरोध में आज नीमच में आदिवासी युवा शक्ति जयस द्वारा जंगी प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में जयस के कार्यकर्ताओं ने मेस्सी फर्गुसन शोरूम चौराहा से नारेबाजी करते हुए पैदल रैली निकाली। जयस और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने फव्वारा चौक पर आकर सड़क पर बैठकर धरना प्रदर्शन किया।जयस द्वारा राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार यशपाल मुजाल्दा और पिंकी साठे को ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन में कहा गया कि मणिपुर के घटनाओं का वायरल वीडियो, सोशल मीडिया रिपोर्टिंग, मणिपुर के राज्यपाल और मुख्यमंत्री का बयान साबित करता है कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार की लापरवाही और मैतेई समुदाय को समर्थन से कुकी समुदाय पर बर्बरता पूर्वक व्यवहार हुआ है। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि नग्न महिला परेड का गिरफ्तार अपराधी भैरव दास मैतेई का आरएसएस से संबंध ट्विटर पर वायरल हो रहा है। ज्ञापन में मांग की गई कि सरकार अविलंब एक्शन लेकर मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू करें आदिवासियों को बचाया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही सशस्त्र बल विशेषाधिकार अधिनियम कानून अफ्स्पा 1958 मणिपुर से हटाया जाए। इस दौरान कांग्रेस नेता उमराव सिंह गुर्जर ने भी अपना उद्बोधन देकर आदिवासियों के प्रति समर्थन व्यक्त किया। धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा।