कालापीपल। सावन मास के तीसरे सोमवार को क्षेत्र में भक्ति और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। श्री महाकाल कांवड़ यात्रा समिति बेहरावल के तत्वावधान में देहरीघाट से बेहरावल के प्राचीन शिव मंदिर तक कांवड़ यात्रा निकाली गई।
कांवड़ियों ने पार्वती नदी के देहरीघाट तट से पवित्र जल भरकर लगभग 34 से 36 किलोमीटर का सफर 8 से 9 घंटे में पैदल पूरा किया।
सुबह 7 बजे से शुरू हुई यात्रा
सुबह करीब 7 बजे श्रद्धालु देहरीघाट पहुंचे। नदी में स्नान कर विधि-विधान से पूजन के बाद जल भरकर कंधों पर कांवड़ रखी गई। डीजे और ढोल की धुन के साथ यात्रा शुरू हुई। इसमें बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और युवा शामिल हुए।
जगह-जगह पुष्पवर्षा से स्वागत
जैसे-जैसे यात्रा गांवों से गुजरी, ग्रामीणों ने उत्साह से स्वागत किया। जगह-जगह कांवड़ियों पर पुष्पवर्षा की गई और फल, नाश्ता, स्वल्पाहार कराया गया। बेहरावल जोड़ पर भी ग्रामवासियों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। शिव भजनों पर कांवड़िए झूमते हुए ष्हर-हर महादेवष् और ष्बोल बमष् के जयकारे लगाते रहे।
बारिश ने बढ़ाया भक्ति का रंग
सावन की रिमझिम फुहारों के बीच निकली यात्रा का दृश्य मनोहारी था। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। पूरे रास्ते वातावरण शिवमय बना रहा।
शाम 5 बजे हुआ जलाभिषेक
शाम करीब 5 बजे यात्रा बेहरावल के प्राचीन शिव मंदिर पहुंची। यहां लाए गए पवित्र जल से भगवान महादेव का जलाभिषेक किया गया। इसके बाद महाआरती और प्रसाद वितरण हुआ। भीड़ के कारण कुछ समय यातायात भी प्रभावित रहा।
लगातार चौथे वर्ष हुआ आयोजन
समिति के अनुसार यह यात्रा लगातार चौथे वर्ष निकाली गई। इस वर्ष बेहरावल, सुरतीपुरा सहित आसपास के एक दर्जन से अधिक गांवों के शिवभक्त शामिल हुए। क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई।
यात्रा के दौरान कालापीपल थाना प्रभारी सहित पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली। कार्यक्रम के अंत में समिति ने सभी श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।