चित्तौड़गढ़। जिले में बाल संरक्षण एवं बाल कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों को लेकर राजकीय शिक्षण संस्थाओं के संस्थाप्रधानों एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों के लिए ब्लॉकस्तरीय आमुखीकरण एवं क्षमतावर्धन कार्यशालाओं का आयोजन सोमवार से शुरू हुआ। कार्यशालाएं 17 से 19 अगस्त तक आयोजित की जा रही हैं।
जिला कलक्टर डॉ. मंजू के निर्देशानुसार जिले में पहली बार व्यापक स्तर पर आयोजित इन कार्यशालाओं में किशोर न्याय अधिनियम, गुड टच-बैड टच, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम सहित बाल संरक्षण एवं बाल कल्याण से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण यूनिसेफ राजस्थान एवं एचसीएम रीपा, जयपुर के बाल संदर्भ केन्द्र के बाल संरक्षण सलाहकारों एवं विशेषज्ञों द्वारा दिया जा रहा है।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विनय पाठक ने बताया कि शिक्षा विभाग एवं बाल अधिकारिता विभाग के सहयोग से सोमवार को चित्तौड़गढ़, बेगूं एवं रावतभाटा ब्लॉक मुख्यालयों पर कार्यशालाएं आयोजित की गईं। मंगलवार को भदेसर, निम्बाहेड़ा, गंगरार एवं राशमी, जबकि बुधवार को कपासन, भोपालसागर, बड़ीसादड़ी एवं डूंगला ब्लॉक मुख्यालयों पर कार्यशालाएं आयोजित होंगी।
उन्होंने बताया कि बेगूं ब्लॉक में यूनिसेफ राजस्थान के बाल संरक्षण सलाहकार कपिलदेव प्रसाद, रावतभाटा में अजित कुमार तथा चित्तौड़गढ़ में बाल संदर्भ केन्द्र जयपुर के बाल संरक्षण विशेषज्ञ सलाहकार राजकुमार पालीवाल ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान किया।
प्रशिक्षण के दौरान मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद दशोरा एवं सहायक निदेशक बाल अधिकारिता ओम प्रकाश तोषनीवाल ने भी बाल संरक्षण एवं बाल अधिकारों से संबंधित विषयों पर अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यशाला में चाइल्ड हेल्पलाइन के जिला समन्वयक, काउंसलर, सुपरवाइजर एवं केस वर्करों ने चाइल्ड हेल्पलाइन की कार्यप्रणाली एवं उपलब्ध सेवाओं की जानकारी दी। इस दौरान संबंधित ब्लॉक के राजकीय शिक्षण संस्थाओं के संस्थाप्रधान, ग्राम विकास अधिकारी, पटवारी सहित अन्य संबंधित कार्मिक उपस्थित रहे।