भोपाल। प्रदेश के दंत चिकित्सकों की सामाजिक, आर्थिक और व्यावसायिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद दो नई योजनाएं शुरू करने जा रही है। परिषद की ओर से ‘कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना’ और ‘सुश्रुत सुरक्षा योजना’ की शुरुआत 19 अगस्त को भोपाल में होगी। इसके साथ ही दंत चिकित्सकों के लिए नया डिजिटल पंजीयन पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा।
कार्यक्रम 19 अगस्त को दोपहर 12 बजे कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में आयोजित होगा। इसमें प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। सांसद और दंत चिकित्सक डॉ. राजेश मिश्रा तथा राष्ट्रीय दंत चिकित्सा आयोग, नई दिल्ली की दंत पंजीयन बोर्ड की पूर्णकालिक सदस्य डॉ. उषा हेगड़े भी मौजूद रहेंगी।
दुर्घटना और दिव्यांगता में 3 लाख तक बीमा
परिषद के अनुसार ‘कर्मयोगी जीवन सुरक्षा योजना’ के तहत प्रदेश में पंजीकृत दंत चिकित्सकों को 3 लाख रुपए तक का दुर्घटना एवं दिव्यांगता बीमा कवर उपलब्ध कराने की पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य आकस्मिक परिस्थितियों में चिकित्सकों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देना है।
मेडिको-लीगल मामलों के लिए 10 लाख तक कवर
दंत चिकित्सा के क्षेत्र में बढ़ते मेडिको-लीगल मामलों और व्यावसायिक जोखिमों को देखते हुए ‘सुश्रुत सुरक्षा योजना’ शुरू की जाएगी। इसके तहत दंत चिकित्सकों को 10 लाख रुपए तक का प्रोफेशनल इंडेम्निटी कवर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाया गया है। कार्यक्रम में मेडिको-लीगल मामलों पर चर्चा भी होगी। इसके लिए विशिष्ठ अतिथि संजय कुमार पुलिस आयुक्त भी मौजूद रहेंगे।
देश में पहली ऐसी पहल
मध्य प्रदेश राज्य दंत परिषद के अध्यक्ष डॉ. चंद्रेश शुक्ला और रजिस्ट्रार डॉ. हर्ष चंसोरिया ने बताया कि देश में दंत चिकित्सकों की सुरक्षा को लेकर इस तरह का कार्यक्रम पहली बार आयोजित किया जा रहा है। उनका कहना है कि इन योजनाओं के माध्यम से मध्य प्रदेश देश के अन्य राज्यों के लिए रोल मॉडल बनने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
कार्यक्रम में प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, दंत चिकित्सा विशेषज्ञ, विभिन्न डेंटल कॉलेजों के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में दंत चिकित्सक शामिल होंगे। परिषद का नया डिजिटल पंजीयन पोर्टल दंत चिकित्सकों की पंजीयन संबंधी प्रक्रियाओं को अधिक सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।