खरगोन। भगवान शिव के गले के हार माने जाने वाले नागदेवता की आराधना का पर्व नागपंचमी शहर सहित पूरे अंचल में श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ मनाया गया। पर्व के अवसर पर शहर के विभिन्न नाग मंदिर और शिवालय आस्था के प्रमुख केंद्र रहे।
शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर दामखेड़ा मंदिर, बीटीआई रोड स्थित मोटा भिलट देव, डीआरपी लाइन स्थित पंचमुखी भिलट देव और डीआईजी कार्यालय के सामने स्थित नाग मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा।
नाग मंदिरों के साथ शिवालयों में भी श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक किया। नागदेवता की प्रतिमाओं एवं शिवलिंग पर दूध, जल, सिंदूर सहित अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर श्रद्धालुओं ने सुख-समृद्धि की कामना की।
दामखेड़ा मंदिर में लगा एक दिवसीय मेला
नागपंचमी पर दामखेड़ा मंदिर श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र रहा। यहां बाबा की प्रतिमा का गिरी कंदरा के रूप में मनोहारी श्रृंगार किया गया। दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं।
मंदिर परिसर में एक दिवसीय मेले का भी आयोजन किया गया। दर्शन के बाद लोगों ने चाट-पकौड़ी, झूले, खेल-खिलौने और श्रृंगार सामग्री की खरीदारी का आनंद लिया।
ब्रह्म मुहूर्त से शुरू हुए धार्मिक आयोजन
मंदिर समिति अध्यक्ष नवनीत भंडारी ने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में काकड़ आरती के बाद बाबा का मनोहारी श्रृंगार किया गया। सुबह 5रू30 बजे आरती के बाद बाबा को चोला चढ़ाया गया। ब्रह्म मुहूर्त से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतार लग गई, जो देर शाम तक जारी रही।
मंदिर समिति के अनुसार दामखेड़ा में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। श्रद्धालुओं को मंदिर समिति की ओर से खोपरा और मावा से निर्मित प्रसादी का वितरण किया गया। पूरे दिन मंदिर परिसर में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।