सरवानिया महाराज। शहर के ऐतिहासिक एवं प्रसिद्ध श्री खाकर देव मंदिर में नागपंचमी का पर्व हर्षाेल्लास और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। भक्तों ने नागदेवता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
अभिषेक और हवन के साथ हुए धार्मिक आयोजन
नागपंचमी के अवसर पर मंदिर में नागदेवता का विशेष अभिषेक किया गया। इसके बाद विश्व कल्याण की कामना को लेकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुतियां दी गईं। दोपहर में महिला श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन किया, जिससे मंदिर परिसर भक्तिमय हो उठा।
दोपहर 3ः30 बजे पुजारी गौतम माली ने नागदेवता की महाआरती की। इसके बाद श्रद्धालुओं को खीर का प्रसाद वितरित किया गया।
शहर में निकली भव्य शोभायात्रा
महाआरती के बाद श्री खाकर देव मंदिर से नागदेवता की आकर्षक झांकी के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु भक्ति गीतों और भजनों पर झूमते-नाचते नजर आए। शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी।
इस दौरान जगह-जगह नगरवासियों ने पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने नागदेवता के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद लिया।
क्या है ‘नाग देवता की अदालत’ की मान्यता?
श्री खाकर देव मंदिर का इतिहास शहर की बसाहट से जुड़ा बताया जाता है। मंदिर की सबसे प्रमुख विशेषता यहां हर रविवार लगने वाली ‘नाग देवता की अदालत’ है।
स्थानीय मान्यता के अनुसार इस दरबार में सर्पदंश, जहरीले जीवों के डंक तथा विभिन्न शारीरिक व्याधियों से परेशान लोग अपनी अर्जी लेकर पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि नागदेवता की कृपा से पीड़ितों को राहत मिलती है।
नागपंचमी के अवसर पर मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ और श्रद्धालुओं का उत्साह खाकर देव के प्रति लोगों की गहरी आस्था और विश्वास को दर्शाता रहा।