झाबुआ। मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन डॉ. मोहन यादव द्वारा संपूर्ण प्रदेश में डेयरी एनालॉग एवं पनीर जैसे दिखने वाले अन्य खाद्य पदार्थों की बिक्री पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद नियंत्रक, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, मध्यप्रदेश के निर्देशानुसार पनीर निर्माण एवं विक्रय इकाइयों के निरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में 14 अगस्त 2026 को मेघनगर के अगराल स्थित बालाजी मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट का निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान मौके पर पनीर का निर्माण किया जाना पाया गया, पनीर निर्माण में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों एवं अनुसूची-4 में निर्धारित स्वच्छता एवं सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का पालन नहीं होना पाया गया।
अनुसूची-4 का पालन नहीं पाए जाने पर संबंधित संचालक को सुधार सूचना पत्र (प्उचतवअमउमदज छवजपबम) जारी किया जा रहा है तथा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान पनीर की गुणवत्ता को लेकर संदेह एवं पनीर में अपमिश्रण की आशंका के चलते 33.400 किलोग्राम पनीर को जांच रिपोर्ट प्राप्त होने तक जब्त किया गया, जब्त पनीर का कुल मूल्य ₹9,686 बताया गया है प्लांट संचालक द्वारा पनीर का विक्रय मूल्य लगभग 290 प्रति किलोग्राम बताया गया।
मौके से पनीर का नमूना लिया गया है जिसे परीक्षण के लिए राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पनीर की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी स्थिति स्पष्ट होगी रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
थान्दला में मिल्क कलेक्शन सेंटर का निरीक्षण
इसी अभियान के तहत थान्दला के पेटलावद रोड स्थित मिल्क कलेक्शन सेंटर का भी खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा निरीक्षण किया गया निरीक्षण के दौरान मिश्रित दूध का नमूना जांच के लिए लिया गया है।
जांच के दौरान मिल्क कलेक्शन सेंटर लाइसेंस की निर्धारित शर्तों के अनुरूप संचालित होता हुआ नहीं पाया गया लाइसेंस की शर्तों का पालन नहीं किए जाने के कारण संबंधित सेंटर के विरुद्ध प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है दूध के लिए गए नमूने को परीक्षण हेतु प्रयोगशाला भेजा जा रहा है तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा पनीर, दूध एवं अन्य दुग्ध उत्पादों के निर्माण, संग्रहण एवं विक्रय करने वाली इकाइयों के निरीक्षण की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी, ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं मानक अनुरूप खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराया जा सके।