रामपुरा। विद्युत विभाग में कार्यरत 33 वर्षीय आउटसोर्स कर्मचारी मनीष पिता बाबूलाल आर्य की ड्यूटी के दौरान विद्युत पोल से गिरने के बाद उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने रामपुरा के नाका नंबर-2 स्थित कॉलेज के सामने शव रखकर चक्काजाम कर दिया। चक्काजाम के चलते मुख्य मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
बताया गया कि मनीष को विद्युत पोल पर कार्य करने के लिए चढ़ाया गया था। आरोप है कि इस दौरान उसे आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। काम करते समय वह पोल से नीचे गिर गया, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। रामपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से उसे नीमच के निजी अस्पताल रेफर किया गया, जहां बीती रात करीब 11 बजे उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
घटना को लेकर आउटसोर्स कर्मचारी संगठन एवं ट्रेड यूनियन ने विभागीय अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। आउटसोर्स कर्मचारी संगठन के जिला अध्यक्ष रमेश गरासिया एवं ट्रेड यूनियन नेता शैलेंद्र ठाकुर ने सवाल उठाया कि यदि आउटसोर्स कर्मचारी के विद्युत पोल पर चढ़कर काम करने का प्रावधान नहीं है तो उसे किसके आदेश पर पोल पर चढ़ाया गया। उन्होंने सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर जोखिमपूर्ण कार्य कराने का आरोप लगाया। संगठन पदाधिकारियों ने यह आशंका भी जताई कि पोल पर कार्य करने के दौरान मनीष को करंट लगा हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
चक्काजाम कर रहे परिजन एवं संगठन पदाधिकारी जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, घटना की निष्पक्ष जांच तथा मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। साथ ही परिवार के एक आश्रित को विद्युत विभाग में नौकरी देने की मांग भी रखी गई है।
परिजनों के चक्काजाम के कारण मुख्य मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।