नीमच। संत शिरोमणि श्री रविदास जी महाराज ने देश और दुनिया को भाईचारे एकता और सामाजिक समरसता का संदेश दिया है संत रविदास कर्मयोगी थे, परोपकारी थे, उनके आदर्शों को समाज को दिए हुए संदेशों को अपने जीवन में आत्मसात करें और सामाजिक समरसता के मार्ग पर चलें। यह बात प्रदेश के पूर्व मंत्री लालसिंह आर्य ने नीमच जिले के मनासा क्षेत्र के गांव कंजार्डा में संत शिरोमणि श्री रविदास मंदिर निर्माण समरसता संदेश यात्रा में आयोजित जनसंवाद में बड़ी संख्या में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए कही।
इस मौके पर क्षेत्र के विधायक अनिरुद्ध मारू, यात्रा प्रभारी एवं पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय, पवन पाटीदार, भगवान परमार, राजेश लढ़ा, गोपाल गुर्जर, सुखलाल पंवार, यात्रा प्रभारी मदन मौर्य, रवि गोयल, कैलाश पुरोहित, नरेंद्र मालवीय, सरपंच भूरालाल खाती सहित अन्य जनप्रतिनिधि गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
विधायक मारू ने अपने उद्बोधन में कहा, कि यह यात्रा सामाजिक समरसता का संदेश लेकर आई है। सामाजिक समरसता का यह संदेश गांव-गांव, जन-जन पहुंचे और सभी लोग और भावी पीढ़ी संत शिरोमणि श्री रविदास जी के जीवन दर्शन के बारे में जाने, उनके संदेशों को अपने जीवन में उतारे।
संत शिरोमणि मंदिर निर्माण समरसता संदेश यात्रा के डिकेन से मनासा क्षेत्र में प्रवेश करते ही विधायक अनिरुद्ध मारू ने जनप्रतिनिधियों के साथ यात्रा का स्वागत किया। विधायक मारू ने अपने सिर पर चरण पादुका एवं पवन पाटीदार ने अपने सिर पर मिट्टी एवं जल संग्रहण कलश रखकर, समरसता संदेश यात्रा के साथ कंजार्डा का भ्रमण करते हुए जनसंवाद स्थल पर पहुंचे। जहां लालसिंह आर्य, मारू एवं अतिथियों ने चरण पादुका की पूजा अर्चना कर, संत शिरोमणि श्री रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर, जनसंवाद कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सरपंच भूरालाल खाती एवं ग्रामीणों ने अतिथियों का स्वागत किया।
संत शिरोमणि रविदास मंदिर निर्माण समरसता संदेश यात्रा कंजार्डा में जनसंवाद के पश्चात रावतपुरा, पडदा, भाटखेड़ी होते हुए मनासा पहुंची। रावतपुरा, पडदा एवं भाटखेड़ी में समरसता संदेश यात्रा का ग्रामीणों और स्थानीय पंच, सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक स्वागत किया। समरसता यात्रा के दौरान स्थानीय भजन मंडली द्वारा संत रविदास जी के जीवन दर्शन और संदेशों पर आधारित भजनों की संगीतमय प्रस्तुति दी।