इंदौर। मल्टीनेशनल कंपनी, कनाडा-दुबई में जॉब, साल का 15 लाख का पैकेज। जयपुर के एक बिजनेसमैन ने AC मैकेनिक, ड्राइवर, होटलों में साफ-सफाई करने वाले लोगों को ऐसे ही सपने दिखाकर ठग लिया।
किसी ने मकान तो किसी ने दुकान गिरवी रखकर कर्ज लिया। महंगे होटलों में इंटरव्यू लेने वाले ठग को क्रेडिट कार्ड से बिल चुकाए। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 47 से ज्यादा लोगों से करोड़ों की ठगी कर चुके इस बिजनेसमैन को इंदौर पुलिस ने गिरफ्तार तो कारनामे सामने आए।
लॉकडाउन में खुद का होटल बिजनेस बंद हुआ तो कृतार्थ मेहुल पारगी ने अपना घाटा पूरा करने के लिए ठगी शुरू की। वह महंगे होटलों में रुकता। खुद को टोपाज नाम की कंपनी का डायरेक्टर बताता। इंप्रेशन जमाने के लिए फ्रेंच और इंग्लिश में बात करता। फिर छोटा-मोटा काम करने वाले मैकेनिकों को विदेश भेजने का लालच देकर पैसे ठग लेता।
इसके झांसे में आई इंदौर की एक महिला बैंककर्मी ने तो एक ही झटके में 20 लाख रुपए लुटा दिए। भास्कर को ठग का पता लगा तो इंवेस्टिगेशन शुरू करने पर कई चौंकाने वाले सच सामने आए। ठग बड़े-बड़े अधिकारियों से एप्रोच की धौंस भी जमाता था।
इंदौर की रहने वाली एक महिला बैंककर्मी से कृतार्थ की मुलाकात 13 अप्रैल 2018 में हुई थी। कृतार्थ ने खुद का फॉरेन कंसल्टेंसी व प्लेसमेंट का काम बताया था। कृतार्थ ने बताया कि कनाड़ा, यूके सहित कई देशों में उसका प्लेंसमेंट का काम है। उसे 100 से ज्यादा युवक विदेश भेजने हैं। कृतार्थ ने महिला को भी पार्टनर बनने का भी झांसा दिया। इसके लिए उससे 25 लाख रुपयों की डिमांड कर दी। रचना ने 4 लाख रुपए कैश तुरंत उसे दे दिए। बाद में 21 रुपए अलग से दिए। कृतार्थ ने कुछ रुपए प्रॉफिट बताकर लौटा दिए ताकि भरोसा बना सके।
प्रोफिट मिलता देख महिला ने कृतार्थ को अपनी पहचान वाले 14 युवकों से मिलाया जो विदेश जाना चाहते थे। कृतार्थ ने विदेशी कंपनियों के फर्जी जॉब ऑफर लेटर भी उनको सौंप दिए। बदले में उनसे 38 हजार 760 रुपए बतौर कमीशन ले लिए। बाद में कृतार्थ दबाव बनाने लगा कि उसे कुछ और युवक चाहिए। उसे 50 से ज्यादा एसी मैकेनिक, सुपरवाइजर, नौकर, लॉन्ड्री, ड्राइवर भी कंपनी को भेजने है।