चित्तौड़गढ़। ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र संचारी में मातेश्वरी जगदंबा का 61वां स्मृति दिवस आध्यात्मिक ज्ञान दिवस के रूप में तथा राजस्थान की प्रथम ब्रह्माकुमारी राजयोगिनी राधा दीदी की 19वीं पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर सेवा केंद्र संचारी की राजयोगिनी आशा दीदी ने मातेश्वरी जगदंबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वे सिंध के हैदराबाद में ब्रह्माकुमारी संस्था के संपर्क में आईं और अल्पायु में ही अपना संपूर्ण जीवन ईश्वरीय सेवा के लिए समर्पित कर दिया। वे ज्ञान, गुण एवं शक्तियों की धनी थीं तथा उन्होंने अपने जीवन को ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सेवाओं में सफल बनाया।
आशा दीदी ने राजस्थान की प्रथम ब्रह्माकुमारी राधा दीदी के जीवन का भी उल्लेख करते हुए बताया कि उनका जन्म लोहावट (फलोदी) के एक बिश्नोई परिवार में हुआ था। उनके पिता पुलिस विभाग में कप्तान थे। राधा दीदी ने एलएलबी की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपना जीवन परमात्मा शिव की सेवा में समर्पित कर दिया। वे परमात्मा शिव और ब्रह्मा बाबा की अत्यंत लाडली थीं। वर्ष 1965 में उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर शिव शक्ति सेना में समर्पित होकर अनेक ब्रह्माकुमारी बहनों के लिए प्रेरणास्रोत एवं आदर्श उदाहरण प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रतापगढ़ से पधारी मीना दीदी, निंबाहेड़ा सेवा केंद्र से शिवली दीदी, कपासन सेवा केंद्र से मधु दीदी तथा गंगरार से ज्योति दीदी एवं सुमन दीदी सहित अन्य वक्ताओं ने मातेश्वरी जगदंबा एवं राधा दीदी के प्रति अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि हमें भी अपने जीवन को गुणवान, शक्तिशाली एवं संस्कारवान बनाते हुए त्याग, तपस्या और सेवा की भावना के साथ जीवन जीना चाहिए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी श्रद्धालुओ को प्रसाद वितरित किया गया।