चित्तौड़गढ़। डूंगला थाना पुलिस ने करीब एक माह पूर्व ग्राम करसाना के एक कुएं में मिले युवक के शव के मामले का खुलासा करते हुए हत्या के आरोप में दो आरोपियों को गिरफ्तार तथा एक नाबालिग बालिका को डिटेन किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि प्रेम प्रसंग और नाबालिग बालिका के अन्यत्र विवाह में आ रही बाधा को दूर करने के लिए युवक की योजनाबद्ध तरीके से हत्या की गई थी। बाद में शव को कुएं में डालकर घटना को दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया गया।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि 13 मई 2026 को सूचना मिली थी कि करसाना गांव में एक खेत स्थित कुएं में अज्ञात व्यक्ति गिर गया है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और 14 मई को एसडीआरएफ टीम की सहायता से शव को बाहर निकाला गया। मृतक की पहचान भैरूलाल खटीक (25) निवासी रतनपुर, थाना निकुम्भ के रूप में हुई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया तथा मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान मृतक के जीजा राहुल खटीक ने बताया कि घटना से कुछ दिन पूर्व देवीलाल खटीक ने भैरूलाल को जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने संदिग्धों की कॉल डिटेल, तकनीकी साक्ष्य और अन्य तथ्यों का विश्लेषण कर आरोपियों से गहन पूछताछ की। पूछताछ में देवीलाल, रतनी देवी और एक नाबालिग बालिका ने एक अन्य फरार आरोपी के साथ मिलकर हत्या करना स्वीकार किया।
प्रेम प्रसंग बना हत्या की वजह-
पुलिस के अनुसार मृतक भैरूलाल और नाबालिग बालिका के बीच प्रेम प्रसंग था। भैरूलाल उससे विवाह करना चाहता था, लेकिन बालिका के परिजन इस रिश्ते के खिलाफ थे। परिजनों को आशंका थी कि इस संबंध के कारण बालिका का अन्यत्र विवाह नहीं हो पाएगा। इसी कारण आरोपियों ने भैरूलाल को रास्ते से हटाने की साजिश रची। योजना के तहत नाबालिग बालिका ने भैरूलाल को फोन कर मिलने के बहाने खेत स्थित कुएं के पास बुलाया। वहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से वार कर हत्या कर दी। बाद में शव को कुएं में फेंक दिया और ग्रामीणों के बीच यह अफवाह फैला दी कि कोई अज्ञात व्यक्ति कुएं में गिर गया है।
गिरफ्तार आरोपी-
पुलिस ने मामले में देवीलाल पिता कजोड़जी खटीक (29) निवासी संगेसरा थाना मंगलवाड़ तथा रतनी देवी पत्नी स्व. कमलचंद खटीक (46) निवासी करसाना थाना डूंगला को गिरफ्तार किया है। एक नाबालिग बालिका को भी डिटेन किया गया है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
इनकी रही विशेष भूमिका-
मामले के खुलासे में थानाधिकारी शैतान सिंह, एएसआई डालचंद, साइबर सेल के राजकुमार, हेड कांस्टेबल कन्हैयालाल, कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण, रामनरेश, जितेन्द्र कुमार, रामधन, विष्णु तथा महिला कांस्टेबल संतोष की महत्वपूर्ण भूमिका रही। विशेष रूप से कांस्टेबल लक्ष्मीनारायण और रामनरेश के प्रयास सराहनीय रहे।