रामपुरा/नीमच। रामपुरा थाना क्षेत्र के ग्राम सालरमाला की युवती ज्ञानीबाई हत्याकांड को लेकर शनिवार को ग्रामीणों और परिजनों का आक्रोश सड़क पर फूट पड़ा। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने नीमच-झालावाड़ मार्ग पर चक्का जाम कर प्रदर्शन किया तथा मामले में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
मृतका के पिता गोपाल पिता लिंबाजी ने आरोप लगाया कि उनकी पुत्री ज्ञानीबाई को 12 जून को रावतभाटा स्थित ससुराल भेजने के लिए बस में बैठाया गया था। गांधीसागर तक उससे मोबाइल पर संपर्क बना रहा, लेकिन इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। काफी तलाश के बावजूद कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी।
परिजनों का कहना है कि उन्होंने प्रारंभिक स्तर पर ही एक संदिग्ध युवक का नाम और अन्य जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका आरोप है कि यदि तत्काल पूछताछ और जांच होती तो शायद युवती को बचाया जा सकता था।
बाद में पुलिस जांच के दौरान गांधीसागर क्षेत्र के समीप एक स्थान से कंकाल, कपड़े एवं पायल बरामद हुए, जिनकी पहचान परिजनों ने ज्ञानीबाई के रूप में की। घटना की जानकारी सामने आने के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया।
प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी तथा कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की घटनाओं पर सख्ती नहीं हुई तो आम लोगों का कानून व्यवस्था से विश्वास कमजोर होगा।
मौके पर पहुंचे प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर उन्हें शांत करने का प्रयास किया। जनप्रतिनिधियों ने भी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जाएगी तथा दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।