मुरैना। आपदा प्रबंधन व नियंत्रण को लेकर एक दिवसीय मॉक ड्रिल का पचासा मैदान पर आयोजन किया गया। जिसमें एसडीएम अरविंद माहौर सहित राजस्व व पुलिस विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे। जहां एसडीआरएफ दल ने मॉकड्रिल के जरिए सभी लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन संबंधी ट्रेनिंग दी।
इस दौरान एसडीईआरएफ के जवानों ने बाढ़ से बचाव के लिए जानकारी देते हुए कहा कि इस कठिन समय में लोगों को अपना धैर्य नहीं खोना चाहिए। जब भारी बारिश के बाद गांव में बाढ़ आ जाए तो सकुशल बाहर आने के लिए घर में पड़े बेकार की वस्तुओं जैसे कि खाली प्लास्टिक की बोतलों, जार, फुटबॉल, सूखें नारियल, बांस आदि से तैयार उपायों की मदद से पानी भरे निचले इलाकों से निकला जा सकता हैं।
पानी में कोई व्यक्ति डूबने लगे तो उसके बचाव के लिए बांस, रस्सी की मदद से डूबते हुए व्यक्ति को भी बचाया जा सकता हैं। जवानों ने बाढ़ के पानी से निकलने के बचाव के लिए बच्चों और ग्रामीणों को कई मॉकड्रिल कर दिखाया।
साथ ही बताया कि इलाके में पानी भरने से सांप का प्रकोप भी बढ़ जाता है। जब कभी किसी व्यक्ति को जहरीला सांप काट ले तो सबसे पहले बिना डरे प्राथमिक उपचार करे इस दौरान उपचार की जानकारी भी दी गई ताकि समय रहते प्राथमिक उपचार देकर जान को बचाया जा सके।
इस दौरान मॉक ड्रिल में मौजूद अंबाह अनुविभागीय अधिकारी अरविंद माहौर ने राजस्व कर्मचारियों व एसडीआरडी दल को बाढ़ प्रभावित इलाकों में एक दूसरे के बीच बेहतर कम्युनिकेशन प्लान तैयार कर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जाने के लिए निर्देशित किया। एसडीएम अरविंद माहौर ने कहा कि अगर राजस्व दल व एसडीआरफ़ दल में बेहतर कम्युनिकेशन होगा तो वह कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक मदद पहुंचा सकते हैं।