भोपाल। गर्भावस्था के दौरान उच्च जोखिम की महिलाओं की जांच के लिए भोपाल जिले में 09 सितंबर को एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान तहत विशेष जांच शिविर आयोजित किए जाएंगे। शिविर में गर्भावस्था की दूसरी एवं तीसरी तिमाही की हाई रिस्क महिलाओं की जांच की जाएगी ।
अभियान के तहत शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं में जटिलताओं की जांच कर उपचार एवं चिकित्सकीय प्रबंधन किया जा रहा है । गर्भावस्था में उच्च जोखिम की महिलाओं की जांच के लिये एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का आयोजन शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में 9 सितंबर को किया जाएगा । जिसमें गर्भावस्था की दूसरी एवं तीसरी तिमाही की हाई रिस्क महिलाओं की जांच की जायेगी।
एक्सटेंडेड प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में द्वितीय एवं तृतीय त्रैमास की उच्च जोखिम के लक्षणों वाली गर्भवती महिलाओं की जांच, परामर्श, उपचार, पैथोलॉजी जांच, सोनोग्राफी जांच की जाती है । यह अभियान नवंबर 2016 से प्रारंभ किया गया था। अभियान को विस्तार देते हुए प्रत्येक माह की 9 और 25 तारीख को यह अभियान आयोजित किया जा रहा है।
गर्भावस्था के गंभीर खतरों में गंभीर एनीमिया, उच्च रक्तचाप, डायबिटिज़ मेलीटस, रिएक्टिव एच0आई0वी0, सिफलिस, हाइपरथाइरॉइड, टीबी, मलेरिया, पूर्व में ऑपरेशन द्वारा प्रसव इत्यादि लक्षणों वाली गर्भवती महिलाओं को चिह्नांकित किया जाता है। इन महिलाओं को विशेष चिकित्सकीय देखभाल एवं परामर्श की सेवाए प्रदान की जाती है। शिविर में विशेषज्ञीय चिकित्सकीय परामर्श के साथ हीमोग्लोबिन, यूरिन एल्ब्युमिन, शुगर, मलेरिया, टीबी, हेपेटाईटिस, ओरल ग्लूकोज़ टेस्ट, ब्लड ग्रुप, एचआईवी, सिफलिस की जांच की जाएगी। चिकित्सकीय परामर्श अनुसार सोनोग्राफी एवं थायराईड की जांच भी की जायेगी।
मातृ मृत्यु दर को न्यूनतम करने के लिए, उच्च जोखिम की गर्भवती महिलाओं का सही समय पर चिह्नांकन किया जाना बेहद आवश्यक है। जिससे इन गर्भवती महिलाओं को विशेष देखभाल एवं चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। हाईरिस्क महिलाओं की न्यूनतम 4 जांचों के साथ 3 अतिरिक्त जांचे की जाती हैं।