ग्वालियर। बहुजन हिताय-बहुजन सुखाय की अवधारणा पर कार्यपालक अध्यक्ष राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं मप्र राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के दिशा-निर्देशानुसार वर्ष 2023 की तीसरी नेशनल लोक अदालत शनिवार को आयोजित हुई। जिले में जिला मुख्यालय ग्वालियर पर जिला न्यायालय, कुटुबं न्यायालय,श्रम न्यायालय, रेलवे न्यायालय व जिला उपभोक्ता प्रतितोषण फोरम में नेशनल लोक अदालत का आयोजन हुआ। साथ ही सिविल न्यायालय डबरा व भितरवार में भी लोक अदलात आयोजित की गई।
नेशनल लोक अदालत का औपचारिक शुभारंभ शनिवार को प्रातः 10.30 बजे प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ग्वालियर पी सी गुप्ता द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जिले में आयोजित नेशनल लोक अदालत के लिए गठित 57 खंडपीठों ने 9 हजार 214 मामलों में राजीनामा कराकर आपसी समझौते के आधार पर निराकरण कराया गया और 24 करोड 66 लाख 51 हजार से ज्यादा राशि के अवार्ड पारित किए गए। नेशनल लोक अदालत से जिले में 12हजार 076 व्यक्तियों को लाभांवित कराया गया।
जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि निराकृत किए गए मामलों में न्यायालयों में लंबित 1573 मामलों में लगभग 13 करोड 24 लाख 63 हजार 654 की राशि के अवॉर्ड पारित हुए। इसके अलावा बैंक, नगरपालिका, विद्युत के 7हजार 641 पूर्ववाद प्रकरणों में 11 करोड 41लाख 87हजार से अधिक की राशि लोक अदालत के माध्यम से वसूल की गई। निराकृत प्रकरणों में मोटर दुर्घटना के 193, चौक बाउंस के 287, आपराधिक 698, वैवाहिक 85, सिविल 55, विद्युत के 158 प्रकरण सम्मिलित रहे। इस बार नेशनल लोक अदालत के माध्यम से जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग के 31 मामले निराकृत हुये। जिनमें 92 लाख 56हजार 472 के अवार्ड पारित हुए।
नेशनल लोक अदालत के शुभारंभ अवसर पर विशेष न्यायाधीश प्रमोद कुमार सिंह,जिला न्यायाधीश समीर कुलश्रेष्ठ,सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गालिब रसूल, समस्त जिला न्यायाधीश, सचिव उच्च न्यायालय अधिवक्ता संघ महेश गोयल, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चौधर सिंह शैय्याम सहित समस्त व्यवहार न्यायाधीश व प्रशिक्षु व्यवहार न्यायाधीश, जिला विधिक सहायता अधिकारी दीपक शर्मा, अधिवक्ता गण, पैरा लीगल वालेंटियर्, जिला न्यायालय व जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारी आदि उपस्थित रहे। नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों का निराकरण कराने वाले पक्षकारों को वन विभाग के सौजन्य से 400 पौधे भी वितरित कराये गए।
न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी के यहां भगवान दास और महावीर के मध्य 21 लाख रूपये के लेन-देन को लेकर तथा अरुणोदय और पुनीत अग्रवाल के मध्य 20 लाख रूपये के लेन-देन को लेकर 138 परक्राम्य अधिनियम (एनआई एक्ट) के अंतर्गत प्रकरण प्रचलित थे,इन प्रकरणों में लगभग 60 -60 हजार कोर्ट फीस आवेदकों द्वारा लगाई गयी।यदि सामान्य रूप से इन प्रकरणों का निराकरण होता तो आवेदकों को क्रमशरू 2 लाख10 हजार एवं 2 लाख समझौता शुल्क अदा करना पड़ता , लेकिन नेशनल लोक अदालत में प्रकरण के निराकरण से दोनों पक्षकारों के मामले क्रमश 21000 व 20000 के समझौता शुल्क में ही निराकृत हो गये तथा उनके द्वारा प्रकरण में लगाई गई कोर्ट फीस भी वापस मिलेगी।