रतलाम। राजापुरा (बाजना) इन अनुसूचित क्षेत्रों (आदिवासी समाज) की सामाजिक व्यवस्था के संरक्षण एवं संवर्धन हेतू कोई कानून नही बना था । वर्तमान मे इनके संरक्षण हेतू बनाया गया कानून ही पेसा अधिनियम 2022 हैं। उक्त बात म.प्र. जन अभियान परिषद् समन्वयक रत्नेश विजयवर्गी ने बताई।विकास खंड समन्वयक निर्मल अमलियार द्वारा पेसा अधिनियम को विस्तारपूर्वक बताया गया। पेसा विकासखंड समन्वयक मनीष डोडियार द्वारा प्रशिक्षणार्थी को नवीन ग्रामसभा का गठन के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया।
जन अभियान परिषद के सहयोग से राजापुरा सेक्टर के ग्राम राजापुरा में आयोजित किया। सेक्टर स्तरीय पेसा मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण कार्यक्रम में जन अभियान परिषद के जिला समन्वयक, विकासखंड समन्वयक एवम् पेसा मास्टर ट्रेनर, पेसा विकासखंड समन्वयक मास्टर ट्रेनर आदि द्वारा बिरसा मुंडा के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर एवं माल्यार्पण कर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ भी किया। मास्टर ट्रेनर शंकर मईड़ा ने पेसा अधिनियम मे दिए गए अधिकार एवम ग्राम सभा व ग्राम पंचायत में मूल अंतर विषय पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। प्रतिभागियों को राजापुरा माताजी प्रांगण में आपको नजरिया नक्शा बनवाकर पैसा ग्रामसभा में इसकी उपयोगिता बताई गई। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण कर प्रशिक्षण का समापन किया गया। कार्यक्रम का संचालन कैलाश झोडिया ने किया एवम् आभार मुकेश सोलंकी द्वारा किया गया। आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में बडी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, प्रस्फुटन समिति अध्यक्ष सदस्य, पेसा अध्यक्ष सीएमसी एलडीपी छात्र, सचिव, रोजगार सहायक,पेसा मोबिलाईजर आदि उपस्थित रह कर प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहभागिता की।