शाजापुर। ग्राम बोलाई में एक भंडारे में जाते वक्त श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलट गई। जिसमें करीब सात लोग घायल हो गए और एक बच्ची की मौत हो गई थी. हादसे में घायल लोगों का हाल जानने के मंत्री अस्पताल पहुंचे थे। जिसके बाद महिला का गुस्सा फूट पड़ा।
सुबह से यहां भर्ती कर लिया, लेकिन इलाज के नाम पर कोई देखने तक नहीं आया। सुबह से हमारे घरवालों का दर्द से बुरा हाल है। लेकिन किसी ने सुध तक नहीं ली है. घर से इतनी दूर आकर हमारा राम-नाम सत्य हो इससे अच्छा है कि घरवालों के सामने ही दम तोड़ देते३” यह कोई फिल्म की स्क्रिप्ट नहीं, एक लाचार महिला का दर्द है।
एमपी के शाजापुर के ग्राम बोलाई निवासी एक महिला शनिवार सुबह हादसे में घायल अपने रिश्तेदार महिला को लेकर जिला अस्पताल आई थी। जिसे न उपचार मिला और न ही किसी ने उनकी सुध ली. वहीं शाम को राज्य के शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार अचानक अस्पताल पहुंच गए तो उनके सामने महिला का गुस्सा फूट पड़ा और उक्त महिला ने मंत्री के सामने ही डॉक्टर को खरी-खोटी सुना दी।
मरीजों की बात सुन मंत्री परमार भी अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जमकर नाराज हुए और मौके पर मौजूद सिविल सर्जन और डॉक्टरों को व्यवस्था सुधारने और त्वरित उपचार के निर्देश दिए। बता दें कि ग्राम बोलाई में एक भंडारे में जाते वक्त श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्राली पलट गई, जिसमें करीब सात लोग घायल हो गए और एक बच्ची की मौत हो गई थी। हादसे में घायल लोगों का हाल जानने के मंत्री अस्पताल पहुंचे थे।
उक्त महिला ने जब मंत्री के सामने अस्पताल की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी तो मंत्री ने भी चिकित्सकों को जमकर लताड़ लगाई। इसके बाद चिकित्सक सिर नीचे मंत्री का डांट सुनते रहे। वहीं जब मीडियाकर्मी मंत्री के आने पर अस्पताल पहुंचे और चिकित्सकों से मामले की जानकारी लेनी चाही तो कोई भी चिकित्सक कैमरे के सामने आने से बचता दिखा।
इस दौरान मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी मीडिया से चर्चा की और कहा कि यह हादसा वाकई दुखदायी है। इसमें हमारे विधानसभा क्षेत्र की एक बालिका असमय मौत के मुंह में समा गई. वह दुख भी ग्रामीणों को था। अचानक हुए इस हादसे से व्यवस्थाओं को लेकर महिला ने नाराजगी जताई है। मेरे द्वारा व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।