चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय एवं राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सेशन न्यायाधीश ओमी पुरोहित के आदेशानुसार 9 सितम्बर को जिला मुख्यालय एवं समस्त ताल्लुका मुख्यालयों पर स्थित न्यायालयों में वृहद् स्तर पर राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस राष्ट्रीय लोक अदालत में जिले की विभिन्न न्यायालयों में विभिन्न प्रकृति के राजीनामा योग्य प्रकरणों का आपसी सहमति के आधार पर कुल 34363 प्रकरणों का निस्तारण किया गया, जिसमें 21 करोड़ 50 लाख 66 हजार 496 रूपये का अवार्ड पारित किया गया। बैंक लोन, चेक अनादरण, बिजली विभाग, जलदाय विभाग, टेलीफोन विभाग एवं राजस्व विभाग से संबंधित कुल 329420 प्री- लिटिगेशन आवेदनों का निस्तारण किया जाकर 2 करोड़ 72 लाख 15 हजार 555 रूपये का अवार्ड पारित किया गया। राजस्व मामलों का भी आपसी सहमति के आधार पर कुल 88619 मामलों का निस्तारण किया गया। इन प्रकरणों को निस्तारित करने में कुल 27 बेंचों ने कार्य किया।
प्राधिकरण अध्यक्ष ने किया शुभारम्भ-
प्राधिकरण अध्यक्ष ओमी पुरोहित द्वारा जिला मुख्यालय तथा जरिये वीसी ताल्लुका मुख्यालय पर लोक अदालत का शुभारम्भ किया तथा समस्त लोक अदालत बेंच के अध्यक्षगणों को सम्बोधित करते हुए लोक अदालत को उत्सव के रूप में मनाते हुए अधिक से अधिक प्रकरणों को निस्तारित करने हेतु प्रेरित किया।
प्राधिकरण सचिव भानु कुमार ने जिला मुख्यालय पर गठित बैंचेज की कार्यवाही देखी व लोक अदालत में आने वाले पक्षकारों से भी बात की व पक्षकारान को राजीनामा से प्रकरण निस्तारण हेतु प्रेरित किया। प्राधिकरण सचिव भानू कुमार ने बताया कि इस बार प्रदेश की सभी लोक अदालत बैंचेज को राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर द्वारा वीडियों कान्फ्रेसिंग से जुड़कर लोक अदालत कार्यवाही की मॉनिटरिंग की गई। प्राधिकरण द्वारा पक्षकारान के लिए छायापानी व बैठक व्यवस्था भी की गई। अन्त में राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सफल बनाने मे सहयोग करने वाले न्यायिक अधिकारीगण, बैंच के सदस्यगण, अधिवक्तागण, पक्षकारान, न्यायिक कर्मचारियों एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कर्मचारीगण् का आभार व्यक्त किया।