जावद। जावद नगर परिषद इन दोनों अपने विकास कार्य को अच्छा दिखने के चलते आनंद-फानन में नियमों को तक पर रखकर निर्माण कर रही है ।
एक साल से जावद नगर परिषद का हाल बड़ा ही अजीब है । यहां हर कार्य बिना टेंडर के करने की परंपरा सी बन गई है । पहले मंदिर की जमीन पर दुकान निर्माण कार्य, तो फिर खोर दरवाजा पुलिया के समीप दुकान निर्माण, तो पुरानी सब्जी मंडी के प्लेटफार्म पर दुकानें निर्माण और अब एक ओर नया मामला सामने आया है । जहा करीब 6 माह पूर्व खोर दरवाजा स्थित सामुदायिक भवन पर दिवाल का निर्माण हो चुका है, उसके लिए ऑनलाइन निविदा अब जारी हुई है ।अब यह बात समझ से परे है की जो कार्य पहले ही हो चुका है उसका अब टेंडर निकालने का क्या ओचित्य । इन सारी बातों से यह स्पष्ट है की परिषद नियम के अनुसार कोई कार्य करना ही नही चाहती है और अपने चहेते लोगो को फायदा देने के लिए नियम कानून ताक पर रख रही है ।
इस मामले में परिषद के इंजीनियर शकील खान का कहना है की मुझे इस मामले की जानकारी नही है और जो ऑनलाइन टेंडर निकला है उसके बारे में भी मुझे पता नही है मैं अभी छुट्टी पर था । साथ ही इंजीनियर ने बताया की परिषद में ये सब क्या चल रहा है समझ से परे हैं और ये बात भी सही है की छः माह पूर्व दीवार बन गई हैं। टेंडर लगना था ये जानकारी भी मुझे थी ।
जावद नगर परिषद अध्यक्ष से पूछे जाने पर उन्होंने बताया की हा वो जो निविदा निकली ही वो उसी दीवाल की ही जिसका निर्माण हो चुका है ।
जिला कलेक्टर से इस बारे में जानकारी चाही तो उन्होंने बताया की अगर शिकायत पर कारवाही की जाएगी ।