भोपाल। राजधानी भोपाल में तथ्य आधारित सामाजिक और आर्थिक विकास पर तीन दिवसीय सम्मेलन हो रहा है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दूसरे दिन कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित किया। सीएम ने कहा, डेटा के बिना जीवन संभव नहीं है। डेटा ज्ञान का स्रोत बन गया है। आज सभी महत्वपूर्ण निर्णय डेटा के आधार पर लिए जाते हैं। लाड़ली बहना योजना ही इसका उदाहरण है जिसमें दो दिन पहले पैसे डाले और आज यह रिजल्ट सामने है कि एक करोड़ तीस लाख से अधिक बहनों के खाते में एक-एक हजार रुपए गए हैं। डेटा की विश्वसनीयता भी महत्वपूर्ण है। इसे तैयार करने में वैज्ञानिक तरीका भी शामिल होना चाहिए। नीतियों और योजनाओं के निर्माण और क्रियान्वयन से लेकर उससे होने वाले फायदे में इसका बड़ा रोल है।
सीएम चौहान ने कहा कि डेटा डिलीवरी तंत्र को सफल बनाने में अलग-अलग संस्थाओं की भूमिका है। नीतियों और योजनाओं में बदलाव के संकेत भी डेटा देते हैं। सुशासन संस्थान और प्रदेश के नीति आयोग के काम सराहनीय हैं। नीतियां प्रभावी होने में डेटा के रोल को अहम बताते हुए सीएम चौहान ने कहा कि विश्वसनीय सांख्यिकी तैयार करने में कमी नही रखना है।
सीएम निवास से प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, मुकेश गुप्ता की मौजूदगी में सीएम चौहान ने कहा कि वे इस कार्यक्रम में सीधे पहुंचना चाहता था लेकिन स्वास्थ्य गत कारणों से नहीं आ सका। इस कार्यक्रम में लोक सेवा प्रबंधन और योजना सांख्यिकी विभाग के मंत्री अरविंद भदौरिया, सुशासन स्कूल के उपाध्यक्ष सचिन चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। इस कार्यक्रम में देश की कई नामी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।