नीमच। जिला चिकित्सालय में नॉर्मल डिलीवरी के तीन घंटे बाद 26 वर्षीय महिला की हुई मौत के चलते परिवारजनों ने लापरवाही का आरोप लगाकर जिला अस्पताल का घेराव कर लिया है। डॉक्टर के खिलाफ जांच और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर बड़ी संख्या में लोग जिला अस्पताल में इकट्ठा हो गए है।
परिवार जनों का कहना है कि बघाना की लोधा मोहल्ला निवासी 26 वर्षीय नीलम पति राहुल लोधा को 15 सितंबर को प्रसव हेतु जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इसके बाद स्टाफ ने मरीज को डॉक्टर सुजल गुप्ता के घर दिखाने के लिए मजबूर करके भेजा। डॉक्टर द्वारा फीस भी ली गई। 400 फीस लेकर आगे इलाज हेतु 2000 की मांग की गई। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण बड़ी मुश्किल से परिवार जनों ने रुपए की व्यवस्था करके डॉक्टर सुजल गुप्ता को 2000 दिए। इसके बाद मरीज को पुनः जिला चिकित्सालय पहुंचा दिया गया। 16 सितंबर की शाम 6 बजे नॉर्मल डिलीवरी हुई। डिलीवरी नर्स द्वारा कराई गई। इसके थोड़ी देर बाद प्रसूता महिला नीलम को ब्लडिंग होने लगी। परिजनों का कहना है कि इस दौरान अचानक यहां मौजूद डॉक्टर कीर्ति बाला ने हाथ खड़े करके कह दिया कि जिसका इलाज चल रहा है उसे ही बताओ। ब्लड की व्यवस्था करने को कहा। रेफर करने की बात हुई। स्टाफ और डॉक्टर एक दूसरे को बताने की कहते रहे। लेकिन रात 9 बजे नीलम की दुखद मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टर और स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए कई सवाल खड़े कर दिए है। एसडीम ममता खेड़े, कांग्रेस नेता उमराव सिंह गुर्जर, पार्षद हरगोविंद दीवान, शशि कल्याणी, नीरज अहीर भी जिला चिकित्सालय पहुंच गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल भी अस्पताल में मौजूद है। आए दिन जिला चिकित्सालय में इस तरह की घटनाएं हो रही है। परिवारजन इंसाफ न मिलने तक पोस्टमार्टम नहीं करने पर अड़ गए हैं।