बड़वानी। प्रदेश सहित बड़वानी जिले में भी भारी बारिश हो रही है जिससे सरदार सरोवर बांध के बेकवाटर से नर्मदा पट्टी के गांवों में डूब का खतरा मंडरा रहा है। सबसे बड़ी त्रासदी बड़वानी जिले के राजघाट, कसरावद, जंगरवा,पिछोडी, कुंडीया,धनोरा,चिपा खेड़ी, अवलदा, भिलखेड़ा, भवती, बिजासन, सहित आसपास के गांवों में हुई है। यहां बाढ़ में 4 से 5 गांव टापू बन गए है। रात में ही इन गांवों के लोगों को अपने घर और सामान को छोड़कर अन्य स्थानों पर शरण लेना पड़ी।
बड़वानी जिले के अंजड़ तहसील के छोटाबड़दा को प्रशासन ने खाली कराया है। प्रभावितों को पुनर्वास स्थल भेजा गया, जहां सुविधाएं नहीं मिलने से लोग परेशान होते रहे और पूरी रात सो नहीं पाए। रविवार को ग्राम भवती के आक्रोशित डूब प्रभावितों ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के पुतलों की शव यात्रा निकाली और पुतला दहन कर शासन-प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। वही कलेक्टर को घेरा लिया और कलेक्टर बड़वानी से बात की नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेत्री मेधा पाटकर भी रात 12 बजे तक डूब गांवो में रही। उनका आरोप है कि यह डूब गुजरात सरकार की सुनियोजित डूब है। सरदार सरोवर के 17 मीटर ऊंचे गेट बंद है। हम लगातार गेट खोलने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नर्मदा बेकवाटर के सभी गांव जलमग्न हैं ओर पुर्नवास स्थलों पर कोई सुविधाएं भी नहीं हैं। जिले के ग्राम भवति में अचानक आई डूब से नाराज डूब प्रभावितों ने सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले बना कर अर्थी निकाली गांव में बूढ़ों सहित महिला व बच्चे हुए शव यात्रा में शामिल कहा हमे पता ही नही था की हम भी डूब प्रभावित क्षेत्र में शामिल है बता दें की बड़वानी नर्मदा नदी में 138.68 मीटर डूब क्षेत्र बताया गया था जबकि आज नर्मदा का जलस्तर 142 मीटर पार है जो खतरे के निशान से 18 मीटर ऊपर है ओर भवति कभी भी डूब क्षेत्र का हिस्सा नही रहा।