चित्तौड़गढ़। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंर्तगत संचालित राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम में वर्ष 2002 से संविदा कर्मी राजस्थान में टीबी रोगियों की सेवा में कार्यरत है। इन कर्मियों को मानदेय एनएचएम के द्वारा ही प्राप्त होता हैं। राजस्थान सरकार द्वारा समस्त विभागो के साथ ही एनएचएम के विभिन्न पोस्ट को संविदा सेवा नियम में शामिल कर लिया हैं, परंतु राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी) के संविदा कर्मियों को अभी तक संविदा सेवा नियम 2022 में शामिल नही किया गया।
संविदा कर्मियों ने बताया कि टीबी प्रोग्राम में कार्यरत 600 कर्मी वर्षो से नियमित होने का सपना संजोए बैठे थे। संविदा सेवा नियम में शामिल न करके इन संविदा कर्मियों के जीवन साथ विभाग के उच्च अधिकारियों ने कुठाराघात किया है। राजस्थान में टीबी रोग नियंत्रण रेखा से नीचे हैं, जो इन संविदा कर्मियों की मेहनत का नतीजा हैं। राजस्थान को राष्ट्रीय स्तर पर टीबी प्रोग्राम में कई अवॉर्ड मिले है, उसके पीछे राजस्थान के 600 टीबी संविदा कर्मियों की मेहनत है। उक्त संबंध में उच्च अधिकारियों से बातचीत करने पर अधिकारियों द्वारा कोई संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया। कई वर्षो से कार्य करने के दौरान कई कर्मी ओवर एज हो चुके है। इस संबंध में सरकार विभाग को इन कर्मियों को इतनी वर्षो की सेवा को देखते हुए इनको संविदा सेवा नियम में शामिल कर नियमित करना चाहिए।
यदि इन कर्मियों को संविदा सेवा नियम में शामिल करने का सरकार का इरादा नहीं हैं, तो क्यों जन घोषणा में लिखा की हम संविदा कर्मियों को नियमित करेंगे।
यदि वास्तव में नियमित करने का इरादा है तो टीबी संविदा कर्मियों को भी संविदा सेवा नियम में शामिल करे अन्यथा टीबी संविदा कर्मी भी अपनी हक की लड़ाई के लिए सामूहिक रूप से कार्य का बहिष्कार करेंगे। राष्ट्रीय स्तर पर चल रहे टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में किसी भी प्रकार की एक्टिविटी नही करेंगे टीबी पेशेंट
व प्रोग्राम के प्रभावित होने पर इसकी जिम्मेदारी विभाग व सरकार की होगी।