बड़वानी। जिला मलेरिया अधिकारी अब्दुल वसीम शेख के निर्देशन में जिला मलेरिया सलाहकार किरतसिंह कवचे एवं टीम के सदस्य एम. पी.डब्ल्यू. सुनील मोयदे, शादिक अली, फ़ील्ड वर्कर राघवेंद्र कौरव, हेमन्त बड़वानी के द्वारा अतिवृष्टि से प्रभावित ग्राम सोंदुल, पिछोडी, भामटा, मोरकट्टा, बिजासन, जांगरवा, अमलाली, भवती, आवलदा, नन्दगाँव, आवंली सेगावा, धनोरा, पिपरी उटावद का भ्रमण कर लार्वा सर्वे, लार्वा नष्टीकरण व पानी से भरे गड्डों में टेमोफोस एवं स्थाई गड्डों में गम्बूजिया मछली का संचयन किया गया हैं। जिला मलेरिया सलाहकार बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता व फील्ड वर्कर ने जनमानस को डेंगू मलेरिया बीमारी के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही ग्रामवासियों को मलेरिया नियंत्रण के बारे में विस्तार से समझाइश देकर लार्वा को नष्ट करने के उपाय बताये गए। इसके साथ ही मलेरिया की रोकथाम के लिए ग्रामवासियों से चर्चा कर बताया कि मलेरिया मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता हैं तथा डेंगू/चिकुनगुनिया मादा एडीज मच्छर के काटने से होता हैं। ये दोनों मच्छर साफ पानी में पनपते हैं इसलिए हमें अपने घर एवं घरों के बाहर साफ सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए । साथ ही प्रति सात दिवस में हमें पानी के बर्तनों कूलर इत्यादि को साफ करके पानी भरना चाहिए हमारी जागरूकता से ही हम मलेरिया, डेंगू से बच सकते है तथा वेक्टर जनित रोगों की सतत् निंगरानी रखने से बीमारियों को नियंत्रित किया जा सकता हैं। मलेरिया उन्मूलन के बारे चर्चा की गई । मच्छरों से बचने के अन्य उपाय जैसे मच्छरों को भगाने वाली क्रीम का शरीर के खुले स्थान पर लेप करें तथा रात को सोने से पहले नीम की पत्तियों का धुँआ करे, पूरी अस्तिन के कपड़े पहने व मच्छरदानी का उपयोग करें तथा मच्छरों के प्रजनन स्थलों को नष्ट करने के उपाय बताएं गये पानी से भरे स्थानों में जला हुआ इंजीन का ऑयल डालें या मिट्टी का तेल डालें जिससे मच्छरों के लार्वा को नष्ट किया जा सकता है।