बुरहानपुर। जिले में कलेक्टर भव्या मित्तल के मार्गदर्शन में आईआईटी इंदौर व जिला उद्योग केन्द्र बुरहानपुर के संयुक्त तत्वावधान में बुरहानपुर औद्योगिक क्लस्टर में ‘‘लघु कपड़ा उद्योगों के लिए ऊर्जा संरक्षण‘‘ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया है। जिले की औद्योगिक इकाईयों के औद्योगिक ऊर्जा मूल्याकंन हेतु आईआईटी इन्दौर के औद्योगिक ऊर्जा मूल्याकंन (सेल) से प्रोफेसर आईआईटी इन्दौर देवेन्द्र देशमुख व लीड एनर्जी असेसर अनिस राजेन्द्रन के नेत्तृत्व में पांँच सदस्यीय टीम ने पाँच दिवस तक जिले की औद्योगिक ईकाईयों का भ्रमण किया।
इस दौरान टीम द्वारा इन पाँच दिनों में जिले की विभिन्न छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाईयों का भ्रमण कर ऊर्जा दक्षता क्षमता का अध्ययन किया गया। पुनः उपयोग और रिसाईक्लिंग विधियों के माध्यम से बिजली और ईंधन की बचत के लिए विभिन्न संभावनायें खोजने के लिए कच्चे माल और ऊर्जा उपयोग का गहनता से अध्ययन किया गया। टीम ने अत्याधुनिक ऊर्जा ऑडिटिंग उपकरणों और आधुनिक प्रौद्योगिकियों का उपयोग करके सर्वेक्षण, डेटा संग्रह किया है। अध्ययन का उद्देश्य एमएसएमई को परिचालन लागत, पर्यावरणीय प्रभावों को कम करने, ईंधन की समग्र ऊर्जा बचत क्षमता तथा कार्बन शमन क्षमता का भी आंकलन करना है। प्रभारी प्रबंधक जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र अभिलाष मरावी ने जानकारी देते हुए बताया कि, पाँच दिवसीय भ्रमण उपरांत टीम द्वारा टीपीए हॉल, बुरहानपुर में विभिन्न लघु कपड़ा उद्योग मालिकों के लिए कपड़ा उद्योगों में ऊर्जा संरक्षण पर एक जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में ऊर्जा संरक्षण पर सामान्य जागरूकता, उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा और विचार-मंथन किया गया।