विदिशा। शासकीय कन्या (अग्रणी) महाविद्यालय विदिशा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। उच्च शिक्षा विभाग मप्र शासन द्वारा प्रायोजित इस कार्यक्रम में जिले के सभी शासकीय, अशासकीय और अनुदान प्राप्त महाविद्यालयों के दो-दो विद्यार्थियों को एन ई पी युवा सारथी के रूप में प्रशिक्षित किया गया। जिले के सभी महाविद्यालयों से एक-एक प्रोफेसर ने भी एन ई पी नोडल अधिकारी के रूप में प्रशिक्षण में भाग लिया।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ नीता पाण्डेय ने बताया कि युवा सारथी के रूप में प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थी राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रचार-प्रसार करने और जागरूकता लाने का काम करेंगे। कार्यशाला में प्रशिक्षण प्रदान करने आए जिले के एन ई पी एम्बेसडर डॉ संजीव जैन ने नई शिक्षा नीति के व्यावहारिक पहलुओं पर अपने विचार रखे। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति का मुख्य जोर कौशल संवर्धन पर है, जिसके माध्यम से रोजगार का सृजन सम्भव हो सकेगा। दूसरे जिला एम्बेसडर डॉ खुमेश सिंह ठाकुर ने नई शिक्षा नीति के सैद्धांतिक पहलुओं पर प्रशिक्षण प्रदान किया। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति स्वदेशी है, जिसमें भारतीय ज्ञान परम्पराओं का समावेश किया गया है। प्रशिक्षण समन्वयक रवि रंजन ने बताया कि उच्च शिक्षा विभाग की यह एक महत्वकांक्षी योजना है, जिसके माध्यम से युवा सारथी विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति के सभी व्यावहारिक और सैद्धांतिक पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। प्रशिक्षण उपरांत सभी प्रतिभागियों को प्रमाण- पत्र प्रदान किया गया।