झाबुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण झाबुआ विधि सक्सेना के निर्देशानुसार प्रथम जिला न्यायाधीश सुभाष सुनहरे की अध्यक्षता एवं जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल, अधिवक्ता विश्वास शाह की उपस्थिति में शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) जिला झाबुआ में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में सुनहरे ने अपने संबोधन में कहा कि कानूनी साक्षरता एवं जागरूकता आज के समय बहुत ही आवश्यक है। इससे लोगों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में पता चलता है। इससे उन्हें कानूनी मामलों में सही राह मिलती है। शिविर में सुनहरे ने छात्रों को कानूनी विषयों जैसे कि संविधान, आपराधिक कानून, सिविल कानून, परिवार कानून आदि के बारे में जानकारी दी। उन्हें कानूनी प्रक्रिया और न्यायालयों के बारे में भी बताया गया। शिविर में छात्रों ने कानूनी प्रश्न भी पूछे जिनके जवाब न्यायाधीश ने दिए।
शिविर में जिला विधिक सहायता अधिकारी सागर अग्रवाल ने अपने संबोधन में छात्रों को बताया कि हर व्यक्ति को कुछ मौलिक अधिकार प्राप्त हैं, जैसे कि स्वतंत्रता का अधिकार, भाषण का अधिकार, समानता का अधिकार और शिक्षा का अधिकार उन्होंने छात्रों को बताया कि इन अधिकारों का उल्लंघन होने पर वे कानूनी कार्यवाही कर सकते हैं।
शिविर में अधिवक्ता विश्वास शाह ने बताया कि जब कोई व्यक्ति किसी कानून का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है। मुकदमे की प्रक्रिया में पुलिस की भूमिका, अभियोजन पक्ष की भूमिका, बचाव पक्ष की भूमिका और न्यायालय की भूमिका अहम होती है। शिविर के दौरान छात्रों ने कानूनी प्रक्रियाओं और कानूनी अधिकारों के बारे में कई सवाल पूछे। जिनके जवाब अतिथिगणों ने विस्तार से दिये।
इस शिविर में आईटीआई संस्थान के लगभग 300 छात्र उपस्थित थे। छात्रों ने शिविर में बहुत रुचि दिखाई और न्यायाधीश के सवालों का उत्साहपूर्वक जवाब दिया। शिविर में संस्थान प्राचार्य मोहन सिंह गरवाल, प्रशिक्षण अधिकारी सुरेन्द्र सिंह बारिया, बादर मेडा, राजकुमार पहाड़े उपस्थित रहें। शिविर में अतिथिगणों का आभार संस्थान प्राचार्य ने माना।