कसरावद। चुनाव आते हैं तो राजनीतिक दल जहां वोटरों को लुभानै की कोशिश करते हैं वही सरकारी कर्मचारी संगठन चुनावी मौसम में राजनीतिक पार्टियों पर दबाव बनाकर अपने लिए कई तरह की सुविधा और वेतन वृद्धि की मांग करते अभी आप देख रहे हैं कि, पिछले काफी समय से अनेक कर्मचारी संगठन हड़तालें कर रहे हैं सरकारें और राजनीतिक दल भी अपने राजनीतिक नफे नुकसान को देखते हुए, इनकी मांगे पूरी करने की कोशिश, और इनकी मागों का समर्थन करते हुए नजर आएंगे, लेकिन आम आदमी इन चीजों को देखता रहता है लेकिन आजकल राजनीतिक दलों और कर्मचारियों के चुनावी नाटक को जनता समझने लगी है जहां एक तरफ अच्छे पढ़े लिखे युवाओं को छोटे-मोटे काम करके कम से कम पैसों में अपना गुजारा करना पड़़ रहा है। वही इन कर्मचारियों का मोठी तन्खवाह में भी पेट नहीं भर रहा तनख्वाह बढ़़ रही है भ्रष्टाचार भी बढ़़ रहा है और जनता पीस रही है यह सब ना जाने कहां जाकर रुकेगा।