ग्वालियर। दो महीने से ज्यादा समय से चुनाव कराने में व्यस्त पुलिस मतदान के बाद रिलेक्स मोड़ में तो आई है, लेकिन चुनावी काम से। अब पुलिस ने शनिवार से ही पेंडिंग केस की फाइलों पर पड़ी धूल को झाड़ना शुरू कर दिया है। पुलिस उन केस की फाइलों के पन्ने फिर से पलटने लगी है जो चुनाव ड्यूटी के कारण सॉल्व नहीं हो पाए थे। जैसे जनकगंज इलाके रामकुई नाला में धड़, हाथ-पैर मिलने के बाद पुलिस सिर नहीं तलाश पाई थी। इसमें हत्या किसकी हुई और किसने की दोनों पहेली बना हुआ है। कुल मिलाकर पुलिस ने मतदान निपटते ही थानों में पेंडिंग पड़े मामलों की फाइलें टटोलना शुरू कर दी हैं। जिससे पेंडेंसी ज्यादा ना हो। साथ ही पुलिस अफसरों ने भी अब पुराने मामलों की फाइलें मंगाना शुरू कर दी है, क्योंकि मतगणना में अभी सोलह दिन का समय है।
पुलिस चुनाव ड्यूटी पूरी करने के बाद अब चुनाव के दौरान ठनी चुनावी रंजिशों पर होने वाले झगड़ों पर भी फोकस रखेगी। कई विवाद ऐसे हुए हैं जो बाद में बड़े हो सकते हैं। कई शिकायती आवेदन भी चुनावी रंजिश के अलग-अलग थानों व एसएसपी ऑफिस पहुंचे हैं। अब ऐसे मामलों को बड़ी रंजिश में बदलना पुलिस के लिए चुनौती रहेगा। दो माह से चुनावी भागदौड़ में व्यस्त रही पुलिस ने अब थानों में पहुंचते ही पुराने पेंडिंग मामलों के साथ ही हाल ही में आए आवेदनों की फाइल की धूल हटाने के बाद उन पर कार्रवाई करना शुरू कर दिया है।
चुनावी भाग-दौड़ के चलते पुलिस पुराने मामलों का निकाल नहीं कर सकी है। अब मतदान हो गया है और 3 दिसंबर को मतगणना होनी है। करीब 15 दिन बीच में हैं। 3 दिसंबर को मतगणना और उसके बाद राजनीतिक जुलूस में व्यस्त रहेगी। इसके बाद दिसंबर में पेंडिंग क्लोज करनी होती है। ऐसे में पुलिस के पास 25 दिन ही बचेंगे। ऐसे में पुलिस अफसर पेंडेंसी निकाल के लिए जानकारी मांगे, उससे पहले ही थाना प्रभारियों ने अपने अधीनस्थों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जल्दी आएं और देर तक रूक कर मामलों का निकाल करें, जिससे ज्यादा से ज्यादा पेंडेंसी को खत्म किया जा सके, क्योंकि पेडेंसी के चलते उनकी छवि पर असर पड़ेगा।