सीहोर। पिछले साल की तरह इस बार भी रबी सीजन की फसलों पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम में हो रहे नित नए बदलाव के चलते फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है।
जिले के कई गांवों में रबी की फसल गेहूं पर जड़ माहू का प्रकोप देखने को मिल रहा है। समय रहते अगर इस रोग पर काबू नहीं पाया गया तो यह फसलों को चट कर जाएगा। हालांकि कृषि विभाग के वैज्ञानिकों ने फसलों का जायजा लेकर किसानों को सामयिक सलाह जरूर दी है।
जड़ माहू रोग फसल के लिए इतना खतरनाक होता है कि समय पर इसका उपचार न किया जाए तो इस कीट द्वारा गेहूं फसल में बड़ी क्षति की संभावना रहती है। जड़ माहू कीट गेहूं के पौधे के जड़ भाग में चिपका हुआ रहता है, जो निरंतर रस चूसकर पौधे को कमजोर व सुखा देता है।
प्रभावित खेतों में पौधे को उखाड़कर ध्यान से देखने पर बारीक-बारीक हल्के पीले, भूरे व काले रंग के कीट चिपके हुए दिखाई देते हैं। मौसम में उच्च आर्द्रता व उच्च तापमान होने पर यह कीट अत्यधिक तेजी से फैलता है। अनुकूल परिस्थितियां होने पर यह कीट सम्पूर्ण फसल को नष्ट करने की क्षमता रखता है। ऐसे में किसानों की पेशानी पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। अगर समय रहते रोग की रोकथाम नहीं की गई तो फसल तबाह हो सकती है।