BREAKING NEWS
BIG NEWS : उज्जैन जमीन विवाद पर सियासत तेज,.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले की रतनगढ़ थाना पुलिस और बिना.. <<     NMH MANDI : एक क्लिक में पढ़े कृषि उपज मंडी नीमच के.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : नीमच में सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत साइबर.. <<     BIG NEWS : सुलाबावजी के पास पेड़ पर लटका मिला युवक का.. <<     BIG NEWS : नीमच-सिंगोली मार्ग पर दर्दनाक हादसा, दो.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : 2 जुलाई को जिले में होगा विकसित भारत.. <<     BIG NEWS : एक्शन मोड में मालवा की मंदसौर पुलिस,.. <<     KHABAR : सेवा और संस्कारों के साथ मनाया.. <<     NEWS : कल्याण महाकुंभ का भव्य आगाज़, शोभायात्रा.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : 11 जुलाई को नीमच आएंगे आचार्य कैलाशानंद.. <<     BIG REPORT : मंदसौर में सीवरेज की लापरवाही पर.. <<     BIG NEWS : नीमच जिले में भयानक सड़क हादसा, चपलाना.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : जुलाई माह की इस तारीख तक करें आवेदन,.. <<     KHABAR : कॉलेज प्रवेश में नया कीर्तिमान, एक साल में.. <<     शाजापुर जिले के कालापीपल में मध्यप्रदेश.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
November 24, 2023, 2:36 pm
KHABAR : जन्मजात विकृतियों की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन, जांच, उपचार एवं थेरेपी की सुविधा निःशुल्क, पढ़े खबर  

Share On:-

सीहोर। जन्मजात विकृतियों की शीघ्र पहचान एवं प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रसव केन्द्रों के चिकित्सकों, स्टाफ नर्स एवं एएनएम जन्मजात विकृतियों के बारे में सभी प्रशिक्षित है जीवित प्रसवों में से लगभग ढाई से 3 प्रतिशत बच्चों में विजिबल जन्मजात विकृति की संभावना होती है। क्लेफ्ट लिप, क्लेफ्ट पेलेट, जन्मजात केट्रेक्ट, क्लब फुट, जन्मजात हृदय विकृति, न्यूरल ट्युब डिस्ऑर्डर, सिर में पानी भरने की समस्या होने पर उसे जन्मजात विकृति की श्रेणी में रखा जाता है। जन्म के समय बच्चों में ऐसे लक्षण दिखने पर शीघ्र ही उपचार प्रदान करना आवश्यक होता है। सही समय पर विकृतियों की पहचान कर समस्याओं का प्रबंधन किया जा सकता है।      
प्रसव के समय लेबर रूम एवं प्रसव पश्चात देखभाल से जुड़े चिकित्सकीय एवं पैरामेडिकल स्टाफ को इन समस्याओं की पहचान एवं प्रबंधन के लिए उन्मुखीकरण प्रदान किया गया हे। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जन्मजात विकृतियों, पौष्टिकता की कमी, बीमारियों एवं विकासात्मक देरी के बच्चों का चिह्नांकन किया जाता है। आरबीएसके दल द्वारा समुदाय में से ऐसे बच्चों की स्क्रीनिंग कर चिह्नांकित किया जाता है। इन बच्चों को जांच, उपचार एवं थेरेपी की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध करवाई जाएगी।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE