भोपाल। लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के पहले मध्यप्रदेश में ताबड़तोड़ ट्रांसफर किए गए। 48 घंटे के अंदर ही 113 आईएएस-आईपीएसअफसरों की पदस्थापना बदल दी गई। इस जल्दबाजी में अजीब स्थिति भी बनी। कहीं अफसर के प्रभार लेने के बाद ट्रांसफर कैंसिल कर दिया गया तो कहीं एक जिले में दो-दो अफसरों को अपर कलेक्टर बना दिया गया। इनमें एक आईएएस और दूसरा राज्य प्रशासनिक सेवा का अफसर है।
राज्य कृषि विपणन बोर्ड के एमडी के रूप में आईएएस के ज्वॉइन करने के बाद पूर्व पदस्थ अफसर का आदेश निरस्त करने का मामला भी सामने आया है। सबसे ज्यादा दिलचस्प मामला आचार संहिता लागू होने के ठीक पहले संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के ट्रांसफर का रहा।
पहले जानिए, किस-किस अफसर के साथ बनी ऐसी स्थिति
धनंजय सिंह भदौरिया को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पद से राज्य कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक बनाया गया था। वहां पदस्थ श्रीमन शुक्ला का ट्रांसफर कैंसिल कर दिया गया। तब तक दोनों ही अधिकारियों ने चार्ज लेने और देने की प्रक्रिया पूरी कर ली थी।
मंडला के संयुक्त कलेक्टर अरविंद कुमार सिंह को प्रमोशन के बाद अपर कलेक्टर, अनूपपुर पदस्थ किया गया था। इसके बाद जारी आदेश में इस अधिकारी को रिवर्ट कर दिया गया।
अनूपपुर में अपर कलेक्टर पद पर दो अफसरों को पदस्थ कर दिया गया था। यहां पर ओमप्रकाश सनोडिया और अमन वैष्णव की पोस्टिंग के आदेश जारी हो गए।
संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राकेश सिंह को हटाया
सामान्य प्रशासन विभाग (घूमना-फिरना) ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थ संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी और पदेन अपर सचिव, विधि और विधायी कार्य विभाग (केवल निर्वाचन संबंधी कार्यों के लिए) राकेश सिंह को हटा दिया है। उनकी नई पदस्थापना प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ के पद पर की गई है। उनकी जगह अपर प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास बोर्ड विवेक श्रोत्रिय को भेजा गया है।
चार्ज सौंपते ही कैंसिल हो गया ट्रांसफर
14 मार्च को जारी आदेश में धनंजय सिंह भदौरिया को पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के सचिव पद से हटाकर राज्य कृषि विपणन बोर्ड का प्रबंध संचालक बनाया था। इस पद से श्रीमन शुक्ला को हटा दिया गया था लेकिन 15 मार्च को जारी आदेश में श्रीमन शुक्ला का ट्रांसफर कैंसिल कर दिया गया। यह आदेश तब कैंसिल हुआ, जब 15 मार्च की दोपहर भदौरिया ज्वॉइन करने मंडी बोर्ड पहुंच गए थे। दोनों ही अधिकारियों ने चार्ज लेने और देने की प्रक्रिया भी पूरी कर ली थी।
अब शनिवार को जारी नए आदेश में धनंजय सिंह भदौरिया को आयुक्त, अनुसूचित जाति विकास और प्रबंध संचालक राज्य अनुसूचित जाति और वित्त विकास निगम बनाया गया है। एक अन्य आदेश में अभय सिंह ओहरिया को उप सचिव, गृह विभाग से हटाकर सीईओ, जिला पंचायत उमरिया बनाया गया है।