भोपाल। मध्यप्रदेश के राजनीतिक गलियारों में इस समय राजभवन को लेकर हलचल तेज हो गई हैं। प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल का पांच वर्षीय कार्यकाल अधिकृत रूप से आज पूरा हो रहा है। उनके सफलतम और बेदाग कार्यकाल को देखते हुए सियासी हलकों में उनके कार्यकाल के विस्तार (Extention) को लेकर चर्चा जोरों पर हैं। हालांकि, राष्ट्रपति भवन की ओर से फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक अधिसूचना (Official Notification) जारी नहीं की गई है।
उत्तराधिकारी के आने तक पद पर बने रहेंगे राज्यपाल
संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, भले ही राज्यपाल का 5 साल का कार्यकाल आज पूरा हो रहा है, लेकिन जब तक उनके कार्यकाल के विस्तार की घोषणा नहीं होती या फिर उनके उत्तराधिकारी (नए राज्यपाल) की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक वे अपने पद पर बने रहकर दायित्वों का निर्वहन करते रहेंगे।
मुख्य फैक्ट्स और टाइमलाइन
पदभार ग्रहण: मंगुभाई पटेल ने 8 जुलाई 2021 को मध्यप्रदेश के 19वें राज्यपाल के रूप में शपथ ली थी।
अहम मुलाकात: पिछले दिनों 29 जून को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल मंगुभाई पटेल से शिष्टाचार मुलाकात की थी, जिसके बाद से ही प्रशासनिक और राजनीतिक कयासों का दौर शुरू हो गया था।
सिकल सेल एनीमिया के खिलाफ अभियान बड़ी उपलब्धि
राज्यपाल मंगुभाई पटेल का कार्यकाल विशेष रूप से आदिवासी समाज के कल्याण और स्वास्थ्य सुधारों के लिए याद किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल एनीमिया की रोकथाम और इसके प्रति जागरूकता फैलाने पर विशेष जोर दिया। उनके इन प्रयासों की सराहना राष्ट्रीय स्तर पर भी हुई है। हाल ही में सिकल सेल एनीमिया को लेकर आयोजित एक बड़े कार्यक्रम में खुद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल हुई थीं, जहां राजभवन और राज्य सरकार के प्रयासों को सराहा गया था।
क्या मिलेगा सेवा विस्तार?
केंद्र सरकार और राष्ट्रपति भवन के फैसले पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं। दिल्ली से हरी झंडी मिलने तक मंगुभाई पटेल ही राजभवन की कमान संभालते रहेंगे। अब देखना दिलचस्प होगा कि केंद्र सरकार उन्हें मध्यप्रदेश में ही सेवा विस्तार देती है, किसी अन्य राज्य की जिम्मेदारी सौंपती है या फिर मध्यप्रदेश को कोई नया राज्यपाल मिलता है।