रतलाम। शहर के अंदर स्थित गैस गोदामों को एक माह में शहरी सीमा से बाहर शिफ्ट होना था। पांच माह बित जाने के बाद आज भी गैस गोदाम शहर के अंदर स्थित है। पांच माह बाद जिला प्रशासन के अधिकारियों को याद आई तो बुधवार दोपहर गैस गोदामों पर अचानक पहुंच गए। एक बार फिर जिम्मेदारों ने गैस गोदाम संचालकों को रहवासी क्षेत्र से बाहर शिफ्टिंग का एक सप्ताह दे दिया।
कलेक्टर राजेश बाथम, अपर कलेक्टर आरएस मंडलोई अन्य अधिकारियों के साथ शहर के हाट रोड, नयागांव, टैंकर रोड, महावीर नगर स्थित गैस गोदाम पर पहुंचे। पूर्व में दिए गए निर्देशों का कितना पालन हुआ देखा। शहरी रहवासी क्षेत्र में स्थित गैस गोदाम संचालकों को शहर से बाहर शिफ्टिंग के लिए एक सप्ताह का समय दिया। फायर एग्जिट समेत अन्य व्यवस्थाएं देखी। तहसीलदार ऋषभ ठाकुर, नायब तहसीलदार आशीष उपाध्याय आदि अधिकारी मौजूद थे।
तत्कालीन कलेक्टर ने एक माह का दिया था समय
6 फरवरी को प्रदेश के हरदा की फटाखा फैक्ट्री में विस्फोट हुआ था। हादसे में करीब 11 लोगों की मौत हुई। हादसे के बाद रतलाम में भी तत्कालीन कलेक्टर भास्कर लाक्षाकार, एसपी राहुल कुमार लोढ़ा के साथ जिला प्रशासन के अधिकारियों ने शहर के गैस गोदामों व फटाखा गोदामों की व्यवस्था देखी थी। शहर के हाट रोड, नया गांव टैंकर रोड स्थित गैस गोदाम संचालकों को एक माह का समय देकर रहवासी क्षेत्र (शहरी सीमा) से बाहर में शिफ्टिंग को कहा था। इसके कुछ दिन बाद कलेक्टर लाक्षाकार का रतलाम से ट्रांसफर हो गया।
नए कलेक्टर के रूप में राजेश बाथम आए। उसके बाद किसी भी अधिकारी ने ध्यान नहीं दिया। 5 माह बीत जाने के बाद अब अधिकारियों को याद आई। अब देखना है कि एक सप्ताह में शहर में स्थित गैस गोदाम अन्यंत्र शिफ्ट होते है नहीं है। या फिर यह निरीक्षण भी अधिकारियों की रस्म अदायगी साबित होगा। जो कि एक सप्ताह बाद पता चलेगा।