सिंगोली। क्षेत्र में संचालित एक निजी क्लिनिक पर इलाज में कथित लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजनों ने 14 वर्षीय बालक की मौत के मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि गलत उपचार के कारण बच्चे की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उपचार के दौरान भीलवाड़ा में उसकी मौत हो गई। मामले में स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस जांच कर रहे हैं।
बुखार आने पर क्लिनिक लेकर पहुंचे थे परिजन-
परिजनों द्वारा प्रशासन को दिए गए ज्ञापन के अनुसार, 8 जुलाई 2026 को दोपहर करीब 3 बजे ग्राम माता का खेड़ा, तहसील सिंगोली निवासी अंसार (14) पिता सैय्यद को बुखार आने पर उपचार के लिए सिंगोली स्थित श्री धाकड़ क्लिनिक ले जाया गया। क्लिनिक का संचालन विनोद धाकड़, निवासी ग्राम सोडीजर, द्वारा किए जाने की बात कही गई है।
परिजनों का आरोप- बोतल चढ़ाने के बाद बिगड़ी हालत
परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक में बच्चे की समुचित जांच किए बिना उसे ग्लूकोज की बोतल चढ़ा दी गई। बोतल लगने के लगभग 5 से 10 मिनट के भीतर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। आरोप है कि इसके बाद क्लिनिक संचालक ने बच्चे को अन्यत्र ले जाने की सलाह दी और बिना उपचार संबंधी आवश्यक जानकारी दिए वहां से चले गए।
भीलवाड़ा में उपचार के दौरान हुई मौत-
परिजन गंभीर हालत में बच्चे को भीलवाड़ा के एक अस्पताल लेकर पहुंचे। उनका कहना है कि वहां चिकित्सकों ने पहले किए गए उपचार की जानकारी मांगी, लेकिन क्लिनिक संचालक से कई बार संपर्क करने के बावजूद फोन रिसीव नहीं किया गया। परिजनों का आरोप है कि उपचार संबंधी जानकारी समय पर नहीं मिलने और गलत इलाज के कारण बच्चे की उपचार के दौरान मौत हो गई।
परिजनों व ग्रामीणों ने की जांच और कार्रवाई की मांग-
घटना के बाद 11 जुलाई 2026 को परिजनों एवं ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि गलत बोतल और इंजेक्शन लगाने के कारण बच्चे की मौत हुई है। उन्होंने संबंधित क्लिनिक को सील करने तथा संचालक के खिलाफ नियमानुसार आपराधिक कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि क्षेत्र में कई अवैध रूप से संचालित क्लिनिक मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जिनकी जांच आवश्यक है।
जांच जारी-
फिलहाल इस मामले में पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।