BREAKING NEWS
SHOK SAMACHAR : नहीं रही कैलाशी बाई सेन, परिवार में शोक.. <<     BIG NEWS : त्योहारों से पहले गरोठ में प्रशासन की.. <<     KHABAR : रोशनी के पर्व पर नीमच के प्रशासनिक मुखिया.. <<     BIG NEWS : नीमच में अवैध शराब के कारोबार पर आबकारी.. <<     KHABAR : दीपावली पर्व को लेकर शाजापुर पुलिस पूरी.. <<     KHABAR : मुरैना में मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक.. <<     KHABAR : कलेक्टर हिमांशु चंद्रा की अध्यक्षता में.. <<     KHABAR : दीपों के महापर्व पर जनप्रतिनिधियों का.. <<     KHABAR : स्वामित्व अभिलेख पंजीयन में शत-प्रतिशत.. <<     KHABAR : ​​​​​​​धनतेरस और दीपोत्सव पर प्रभारी.. <<     BIG NEWS : टीएल में पहुंची शिकायत तो हरकत में आया.. <<     KHABAR : मलेरिया के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग का.. <<     त्योहारों से पहले देवास में मिलावटखोरों पर.. <<     KHABAR : धनतेरस पर दमका बाजार, ग्राहकों से गुलजार.. <<     KHABAR : मुरार जिला अस्पताल के आउटसोर्स सफाई.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
July 13, 2026, 10:46 am
NEWS : राजस्थान समान नागरिक संहिता पर आज जनसुनवाई, आमजन को मिलेगा सुझाव देने का अवसर, डीआरडीए सभाकक्ष में जुटेंगे अधिकारी, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

Share On:-

चित्तौड़गढ़। राजस्थान सरकार द्वारा गठित राजस्थान समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक-2026 की प्रारूप समिति की ओर से 13 जुलाई (सोमवार) को चित्तौड़गढ़ में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी। इस जनसुनवाई में आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों और विभिन्न पक्षकारों को प्रस्तावित विधेयक पर अपने सुझाव एवं अभिमत रखने का अवसर मिलेगा।

अतिरिक्त जिला कलक्टर (भू-अभिलेख) रामचन्द्र खटीक ने बताया कि उदयपुर संभाग के जिलों में आयोजित की जा रही जनसुनवाई की श्रृंखला के तहत चित्तौड़गढ़ जिले की जनसुनवाई 13 जुलाई 2026 को दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) सभाकक्ष, कलेक्ट्रेट परिसर, चित्तौड़गढ़ में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित होगी।

उन्होंने बताया कि जनसुनवाई का उद्देश्य राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 के प्रारूप पर विभिन्न वर्गों के सुझाव प्राप्त करना है, ताकि व्यापक जनभागीदारी के आधार पर विधेयक को अंतिम रूप दिया जा सके। उन्होंने जिले के नागरिकों से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर अपने सुझाव और विचार प्रस्तुत करने की अपील की है।

जनसुनवाई में सांसद एवं विधायकगण, विभिन्न धर्मों के प्रतिनिधि, सामाजिक विज्ञान एवं विधि विषय के शिक्षाविद्, विधिवेत्ता, सामाजिक क्षेत्र में कार्यरत गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधि तथा भारत निर्वाचन आयोग से मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किया गया है। प्रशासन ने उम्मीद जताई है कि जनसुनवाई में विभिन्न वर्गों की भागीदारी से महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त होंगे, जो विधेयक के प्रारूप को और अधिक प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE