निम्बाहेड़ा। बीते माह जून में जारी की गई सूची में यूजीसी द्वारा लोकपाल की नियुक्ति नहीं किए जाने वाले निजी विश्वविद्यालयों के नाम डिफॉल्टर सूची में डाल दिए गए थे। जिसमें निंबाहेड़ा तहसील के जावदा स्थित श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय का नाम भी अन्य यूनिवर्सिटीज के साथ शामिल कर दिया गया था, जबकि श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय द्वारा लोकपाल की नियुक्ति जनवरी में ही कर दी गई थी। जिसकी सूचना यूजीसी को भेज दी गई थी। उसके बाद भी डिफॉल्टर की सूची में नाम शामिल किया गया। जिसके बाद श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय जावदा ने अपना विरोध यूजीसी में प्रकट किया था, ऐसे में यूजीसी नई दिल्ली द्वारा नई सूची जारी करने का आश्वासन दिया था। बीते दिवस 2 जुलाई को यूजीसी द्वारा त्रुटि सुधार कर डिफॉल्टर यूनिवर्सिटी की सूची में से श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय का नाम हटा दिया। उक्त सूची को यूजीसी की साईट (https://www ugc.gov.in/Notice) पर 02 जुलाई नोटिस के पेज नंबर 5 पर देखा जा सकता हैं। उक्त जानकारी देते हुए श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन कैलाशचंद्र मूंदड़ा ने डिफॉल्टर सूची में से श्री कल्लाजी वैदिक विश्वविद्यालय का नाम हटाने पर यूजीसी को धन्यवाद प्रेषित किया है एवं अभिभावकों व विद्यार्थियों से अनुरोध किया हैं कि वे बिना किसी पूर्वाग्रह के प्रवेश प्रक्रिया 2024-25 में भाग लेवें।